लखनऊ । राजधानी में सदर के वाल्मीकी बिहार इलाके में एक साथ दो लोगों में कोरोना संक्रामक की पुष्टि हुई है। इससे पहले सदर में 16 मई को दो मामले सामने आए थे। इसके बाद से कोई नया मरीज नहीं मिला था। ऐसे में तोपखाना सहित कई इलाकों को हाट स्पाट से बाहर कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को चारबाग में तैनात जीआरपी के एक जवान और आरपीएफ के एक सिपाही में इसकी की पुष्टि की गयी। कुल मिलाकर 10 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गयी है। सर्विलांस एवं कांटेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 248 लोगों का सैम्पल टीम द्वारा लिया गया तथा जांच के लिए केजीएमयू भेजा गया।
अब कुल मिलाकर 358 मरीजों में कोराना की पुष्टि हो चुकी है आैर 57 मरीजों का उपचार जारी है। उधर कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले राजधानी में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) समेत दो निजी अस्पतालों की कुछ यूनिट को बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें 24 घंटे बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सैनिटाइज करवाने को भी कहा गया है। सभी अस्पतालों से मरीज के संपर्क में आए डॉक्टरों और स्टॉफ को क्वारंटीन कर दिया गया है।
सदर के वाल्मीकि बिहार इलाके के रहने वाले दो लोगों में कोरोना के संक्रमण का खुलासा हुआ। यह उपचार कराने के लिए पीजीआई गये थे, जहां पर कोरोना की पुष्टि की गयी। इसके बाद वहीं उन्हें एडमिट कर लिया गया है। जिसके बाद सदर में एक बार फिर से हड़कम्प मच गया। मरीज के संपर्क में आए लोगों के नमूने लिए। चारबाग रेलवे स्टेशन में तैनात जीआरपी का एक और आरपीएफ के एक जवान में कोरोना की चपेट में आ गया है। अब तक जीआरपी के पांच लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं आरपीएफ का भी एक जवान कोरोना के संक्रमण में आ चुका है। चिनहट के स्वास्थ्य कर्मी में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। तेलीबाग के एक पुरुष में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। दो प्रवासी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। इनमें एक सूरत और दूसरा मुम्बई से लौटे प्रवासी हैं। दो दूसरे जिलों के मरीज हैं।












