
फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने जारी की एडवाइजरी, ADR रिपोर्टिंग को नियमित अभ्यास बनाने का आह्नान : फेडरेशन अध्यक्ष सुनील यादव
लखनऊ। भारतीय भेषज संहिता आयोग (IPC) के अंतर्गत संचालित फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (PvPI) ने क्लोनिडीन (Clonidine) दवा के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण ड्रग सेफ्टी अलर्ट जारी किया है। प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं (ADR) की प्राप्त रिपोर्टों के वैज्ञानिक विश्लेषण और विशेषज्ञ समीक्षा के बाद यह चेतावनी जारी की गई है।
PvPI के अनुसार, क्लोनिडीन के सेवन से हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) यानी रक्त में सोडियम का स्तर असामान्य रूप से कम होने की संभावना सामने आई है। स्वास्थ्यकर्मियों और मरीजों को इस संभावित दुष्प्रभाव के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इस संबंध में फार्मेसिस्ट फेडरेशन ने भी सभी फार्मासिस्टों के लिए एडवाइजरी जारी की है। सिविल अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट व फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को औषधियों से होने वाले संभावित दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग को अपनी नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि समय रहते मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जनहानि को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट समाज और मरीजों के सबसे निकट होते हैं, इसलिए दवाओं के सुरक्षित उपयोग और संभावित जोखिमों के बारे में लोगों को जागरूक करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
क्लोनिडीन एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन), एडीएचडी (ADHD) के प्रबंधन तथा शराब और ओपिओइड की लत छोड़ने के दौरान उत्पन्न लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह एक सेंट्रली एक्टिंग अल्फा-एगोनिस्ट हाइपोटेंसिव एजेंट है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर कार्य करके हृदय गति को नियंत्रित करता है तथा रक्त वाहिकाओं को शिथिल बनाकर रक्तचाप कम करने में मदद करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार हाइपोनेट्रेमिया के लक्षणों में अत्यधिक कमजोरी, थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, भ्रम की स्थिति, मतली, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन तथा गंभीर मामलों में दौरे पड़ना या बेहोशी शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
सुनील यादव ने कहा कि PvPI द्वारा जारी किए जाने वाले सुरक्षा अलर्ट स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों द्वारा भेजी गई ADR रिपोर्टों का ही परिणाम होते हैं। प्रत्येक रिपोर्ट भविष्य में हजारों मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों से ADR रिपोर्टिंग को नियमित गतिविधि के रूप में अपनाने तथा फार्मासिस्टों से मरीजों को दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
ADR रिपोर्टिंग के लिए सुविधाएं:
PvPI टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-3024
मोबाइल ऐप: ADR PvPI App (गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध)
ऑनलाइन रिपोर्टिंग: ADR Monitoring System (ADRMS)
फेडरेशन का संदेश
“रोगी सुरक्षा हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी दवा से होने वाले संदिग्ध दुष्प्रभाव की रिपोर्ट करें, क्योंकि आपकी एक ADR रिपोर्ट अनेक जीवनों को सुरक्षित बना सकती है।”











