मेडिकल लैब प्रोफेशनल वीक-2026 के समापन पर विजेताओं का सम्मान, गुणवत्ता और शोध को बढ़ावा देने पर जोर
लखनऊ।संजय गांधी पीजीआइ में आयोजित मेडिकल लैब प्रोफेशनल वीक-2026 के समापन समारोह में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में मरीजों के इलाज में मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट की भूमिका लगभग 70 प्रतिशत तक है। अधिकांश चिकित्सीय निर्णय जांच रिपोर्ट के आधार पर लिए जाते हैं। ऐसे में टेक्नोलॉजिस्ट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. आर हर्षवर्धन ने कहा कि मेडिकल प्रोफेशनल्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पेशेवर पहचान मजबूत करने के लिए संगठित होकर आगे आना होगा।
उन्होंने शोध, प्रशिक्षण, वैज्ञानिक गतिविधियों और पेशेवर संस्थाओं से जुड़ने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता आधारित कार्यशैली ही इस क्षेत्र को नई पहचान दिला सकती है। डीन प्रो. शालीन कुमार ने कहा कि केवल जांच करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्लान-डू-स्टडी-एक्ट मॉडल अपनाकर कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार, शोध और वैज्ञानिक प्रकाशनों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अपनी उपलब्धियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि गुणवत्ता संवर्धन प्रत्येक प्रोफेशनल की कार्यशैली का हिस्सा होना चाहिए। इस अवसर पर एसजीपीजीआई कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला सहित अन्य वक्ताओं ने मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मरीजों के सही निदान, समय पर उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने में लैब प्रोफेशनल्स का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
समारोह में सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। टेक्नोलॉजिस्ट श्वेता चौरसिया, आयुष शुक्ला, मनु सिंह और मनीष, जबकि बैडमिंटन प्रतियोगिता में पिंकी, दिनेश प्रसाद तिवारी, प्रशांत, नंदिनी यादव, सुभाष, पियूष यादव, आशीष सिंह, विनीत और अंशिका को पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में संस्थान के फैकल्टी सदस्य, मेडिकल टेक्नोलॉजिस्ट, छात्र और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।












