Kgmu : हार्ट ट्रांसप्लांट जल्दी होंगे शुरू, पहले 5 प्रत्यारोपण होंगे फ्री

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कार्य परिषद की बैठक

छेड़छाड़ मामले में प्रोफेसर को चार्जशीट

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में दिल के प्रत्यारोपण (हार्ट ट्रांसप्लांट) सेवा शुरू करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। संस्थान की कार्यपरिषद बैठक में निर्णय लिया गया कि शुरुआती पांच हार्ट ट्रांसप्लांट पूरी तरह मुफ्त किए जाएंगे, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिल सके।

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में शुक्रवार को बोर्ड रूम में हुई बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। विश्वविद्यालय प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक लाइसेंस, उपकरण, संसाधन और प्रशिक्षित डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि ब्रेन डेड मरीजों से हृदय लेकर जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपण किया जा सकेगा। करीब तीन महीने पहले भी ट्रांसप्लांट की तैयारी की गई थी, लेकिन ऑपरेशन से पहले मरीज की मृत्यु हो जाने से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।

प्रवक्ता के अनुसार निजी अस्पतालों में हार्ट ट्रांसप्लांट पर करीब एक करोड़ रुपये तक खर्च आता है, जबकि सरकारी संस्थानों में यही प्रक्रिया 12 से 15 लाख रुपये में संभव है। केजीएमयू में शुल्क अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती पांच मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

बैठक में विश्वविद्यालय के एनीमल हाउस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने का फैसला भी लिया गया। इससे दवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को मजबूती मिलेगी। फिलहाल फार्माकोलॉजी विभाग, KGMU में एनीमल हाउस संचालित है, जहां चूहे समेत अन्य पशु-पक्षी रखे गए हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मानकीकरण संबंधी मांगों को भी मंजूरी दे दी गई।

केजीएमयू के बाल रोग विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोपों को विशाखा कमेटी ने सही पाया है।

11 फरवरी 2026 को दर्ज शिकायत के बाद संस्थान प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर विभाग से अटैच कर दिया था। जांच के लिए गठित सात सदस्यीय कमेटी ने पीड़िता के आरोपों की पुष्टि की।
अब कार्यपरिषद ने आरोपी डॉक्टर को चार्जशीट जारी कर जवाब-तलब करने और तीन माह के भीतर विभागीय कार्रवाई पूरी करने का फैसला लिया है।
वहीं डॉ. तूलिका चन्द्रा पर लगाए गए कई प्रशासनिक प्रतिबंध हटाने का भी निर्णय लिया गया।

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