
हरिद्वार। जीवनशैली जनित और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए पतंजलि एक नए आशा केंद्र के रूप में उभरा है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के बेहतर समन्वय से पतंजलि ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक वैश्विक छाप छोड़ी है।
जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1.38 करोड़ से अधिक मरीज पतंजलि के वैलनेस मॉडल पर भरोसा जता चुके हैं, जिनमें 88 देशों के 45,000 से ज्यादा विदेशी नागरिक शामिल हैं।
वैश्विक स्वीकार्यता और ‘इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल’
यूरोप, मध्य-पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका समेत 88 से अधिक देशों के मरीजों का आगमन आयुर्वेद की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। देश में बढ़ती आयुर्वेद वैलनेस की मांग (60% से अधिक) में पतंजलि की मुख्य भूमिका रही है। पतंजलि अब ‘इंटीग्रेटेड हेल्थ मॉडल’ को बढ़ावा दे रहा है, जो भारत को मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल हब बनाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
डिजिटल रिकॉर्ड्स और वैज्ञानिक रिसर्च का आधार
पतंजलि का यह विशाल नेटवर्क 5,000 से अधिक डॉक्टरों और 5,000 से अधिक वैज्ञानिकों की टीम के साथ काम कर रहा है। यहां उपचार कराने वाले सभी मरीजों का डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) तैयार किया जाता है। अनुसंधान को प्राथमिकता देते हुए संस्थान अब तक 500 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित कर चुका है।
आंकड़ों में पतंजलि की ‘हेल्थ क्रांति’:
कुल इलाज: 1.38 करोड़+ मरीज (57% पुरुष, 43% महिलाएं)
आयु वर्ग: 46% मरीज 50 वर्ष से अधिक उम्र के
विदेशी मरीज: 88+ देशों से 45,000 मरीज
सेवा कार्य: प्रतिदिन 15,000 निःशुल्क OPD, 1 लाख से अधिक निःशुल्क योग कक्षाएं और 10 लाख से ज्यादा योग वॉलंटियर्स।
उत्तर प्रदेश और बिहार से सबसे अधिक मरीज
पतंजलि में देश के सभी राज्यों से मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र से आने वाले मरीजों की संख्या सर्वाधिक है। यह मॉडल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत के आयुष मंत्रालय की सोच के अनुरूप पारंपरिक चिकित्सा को सुलभ बनाने का काम कर रहा है।
संस्थापकों का संदेश
आचार्य बालकृष्ण: “हमारा उद्देश्य साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था की मुख्यधारा में स्थापित करना है। आधुनिक तकनीक और ऋषि परंपरा का यह संगम मानवता को किफायती और सुरक्षित इलाज प्रदान करेगा।”
स्वामी रामदेव: “योग, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी और संतुलित आहार से 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में भारत दुनिया का सबसे बड़ा वेलनेस डेस्टिनेशन बनेगा और पतंजलि इस क्रांति का नेतृत्व करेगा।












