यूपी में फ्लू का कहर: डिप्टी सीएम ने संभाली कमान

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अस्पतालों में ऑक्सीजन और दवाओं का भरपूर स्टॉक

​लखनऊ। प्रदेश में मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक में डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि राज्य में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, इसलिए आम जनता को घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहकर अस्पतालों से संपर्क करने की आवश्यकता है।

​अस्पतालों को सख्त निर्देश: दवाओं और संसाधनों की न हो कमी
​डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग को सभी सरकारी अस्पतालों में ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू), ऑक्सीजन, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और ब्रोंकोडायलेटर्स का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ (Severe Acute Respiratory Illness) वाले सभी गंभीर मरीजों की अनिवार्य रूप से फ्लू जांच कराने को कहा गया है। इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले मरीजों के संपर्क में आए लोगों में लक्षण दिखने पर तुरंत एंटीवायरल दवाएं शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।

​मरीजों की सुविधा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
​अस्पतालों में संक्रमण के फैलाव को रोकने और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
​अलग ओपीडी: जिन जिलों में फ्लू के मामले ज्यादा दर्ज हो रहे हैं, वहां श्वसन संबंधी मरीजों के लिए अलग ओपीडी चलाई जाएगी।
​पृथक रजिस्ट्रेशन काउंटर: बुखार और फ्लू के मरीजों को लंबी लाइनों से बचाने के लिए अलग पंजीकरण काउंटर बनाए जा रहे हैं।

​आइसोलेशन बेड: प्रत्येक जिले के संयुक्त और जिला अस्पतालों में गंभीर मरीजों के लिए 4 से 6 आइसोलेशन बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं।
​होप सेंटर से डिजिटल निगरानी और नेपाल सीमा पर अलर्ट
​उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन के केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ‘होप’ (HOPE) से प्रदेश भर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की ऑनलाइन समीक्षा की। उन्होंने मौके पर ही दवाओं और ऑक्सीजन की उपलब्धता का डिजिटल डेटा जांचा।

​इसके अलावा, नेपाल से सटे यूपी के सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। सीमा पार से आने वाले मरीजों को भी तत्काल इलाज मुहैया कराने के आदेश दिए गए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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