हर चौथा भारतीय एलर्जी से पीड़ित, नाक की एलर्जी से अस्थमा का बढ़ा खतरा

0
109

KGMU में जुटे देश के दिग्गज डॉक्टर्स

​लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के कलाम सेंटर में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित ‘एलर्जी समिति’ सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञों ने एलर्जी और अस्थमा के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता जताई। सम्मेलन में चेस्ट, एलर्जी और ईएनटी (ENT) विशेषज्ञों ने बीमारी के नए उपचार, आधुनिक जांच और जीवनशैली में सुधार पर विस्तार से चर्चा की।

​हर तीसरे मरीज को अस्थमा का जोखिम
कार्यक्रम के आयोजक और वरिष्ठ चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि भारत में हर चौथा व्यक्ति किसी न किसी एलर्जी से ग्रसित है। इनमें नाक की एलर्जी के मामले सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नाक की एलर्जी से पीड़ित हर तीसरे मरीज में आगे चलकर अस्थमा विकसित होने की आशंका रहती है। बच्चों में खासतौर पर स्किन और फूड एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। डॉ. सूर्यकांत ने इसके पीछे बढ़ते वायु प्रदूषण, फास्ट फूड के प्रचलन और बिगड़ी जीवनशैली को मुख्य कारण बताया।

​नई जांच तकनीक और इम्यूनोथेरेपी पर जोर
सम्मेलन में पटना से आए विशेषज्ञ डॉ. गौतम मोदी ने एलर्जी के इलाज में ‘हिस्टाग्लोबिन’ इंजेक्शन, एलर्जी टेस्टिंग और इम्यूनोथेरेपी की भूमिका स्पष्ट की। दिल्ली के डॉ. संजीव डांग ने बताया कि अब मरीजों में एक साथ कई प्रकार की एलर्जी देखने को मिल रही हैं। वहीं मुंबई के डॉ. शाश्वत मुखर्जी और डॉ. प्रिया पांडे ने सटीक इलाज के लिए नई और उन्नत डायग्नोस्टिक जांचों के इस्तेमाल की सलाह दी।

​खान-पान और जीवनशैली में बदलाव की अपील
डॉ. सूर्यकांत ने बेहतर स्वास्थ्य के लिए देसी और प्राकृतिक खान-पान अपनाने की सलाह दी:
​फास्ट फूड की जगह: जंक फूड और चिप्स को छोड़कर घर का पौष्टिक भोजन अपनाएं।
​हेल्दी ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय नारियल पानी, नीबू पानी, सत्तू और छाछ पिएं।
​प्राकृतिक मीठा: चॉकलेट-पेस्ट्री की जगह गुड़, ताजे फल और ड्राई फ्रूट्स खाएं।
​दिनचर्या: स्क्रीन टाइम घटाएं, नियमित दौड़ लगाएं और पर्यावरण सुधार के लिए पौधे लगाएं।
​KGMU में मिलेगी निशुल्क योग व नेति थेरेपी
सह-संयोजक डॉ. संतोष कुमार ने जानकारी दी कि KGMU का रेस्पिरेटरी विभाग एलर्जी और अस्थमा इलाज का उत्कृष्ट केंद्र है। डॉ. ज्योति वाजपेई ने बताया कि विभाग में उत्तर प्रदेश का पहला ‘पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेंटर’ चल रहा है, जहां मरीजों को निशुल्क योग, प्राणायाम और जल नेति सिखाई जाती है।

​सम्मेलन में डॉ. अजय कुमार वर्मा, डॉ. अनुपम मिश्रा और डॉ. सुमित शर्मा सहित 100 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। अंत में डॉ. अंकित कुमार और डॉ. अजय वर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।

Previous articleब्रेन डेड मरीज मनोज का अंगदान: लोहिया संस्थान ने रचा इतिहास, 3 लोगों को मिला नया जीवन
Next articleपतंजलि का ‘वैलनेस मॉडल’ बना वैश्विक पसंद: 1.38 करोड़ लोगों ने कराया इलाज, 88 देशों के मरीज शामिल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here