मंत्री के करीबी को मेल नर्स बेच रहा था यह

0
956

लखनऊ । बलरामपुर अस्पताल में एक मेल नर्स ने मरीज से दवा व इंजेक्शन के नाम पर पैसा उगाही का मामला सामने आया है। सूत्रों का कहना है  यह मामला मंत्री के  परिचित का होने के नाते बलरामपुर अस्पताल प्रशासन  इस मामले पर जांच कर मेल नर्स कार्रवाई करने की  दावा तो कर रहा है पर पूरी घटना को एड़ी-चोटी लगाकर दबाने में जुटा हुआ है बताया जाता है इस बात की जानकारी शुक्रवार को तब हुई जब आरोपी कर्मचारी की शिकायत अस्पताल के अधिकारियों के पास पहुंची तो कार्रवाई से बचाने के लिए सिफारिश भी पहुंचने लगीं।

इसके बाद से बलरामपुर अस्पताल प्रशासन पर आरोपी मेल नर्स को बचाने के आरोप लगाये जाने लगे हैं। यह मामला गुरुवार की रात का बताया जाता है। सूत्र बताते हैैं कि मेल नर्स द्वारा पैसा लेने की बात का खुलासा होने के बाद भी शिकायत कर्ता का नाम न पता चल सके,इसके लिए वार्ड के सभी कर्मचारियों को अस्पताल प्रशासन ने सख्त निर्देश दिये हैं।

बीते गुरुवार को न्यू बिल्डिंग के वार्ड नम्बर 16 में भर्ती मरीज से अस्पताल का मेल नर्स ने दवा व इंजेक्शन के नाम पर पैसे मांगे। सूत्रों की माने तो उस समय मेल नर्स ने जमकर शराब पी रखी थी। मरीज के तीमारदार ने जब इस बात से एतराज जताया तो बहस होने लगी। इसके बाद वार्ड में मौजूद अन्य तीमारदारों व कर्मचारियों ने बीच बचाव किया। मरीज के तीमारदार ने मेल नर्स  पाण्डेय पर पैसे मांगने के साथ ही मौके पर शराब पीकर ड¬ूटी करने का गम्भीर आरोप लगाते हुए शिकायत की।

सूत्रों का यकीन करें तो बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने नशे में धूत मेल नर्स का ब्लड सैंपल भी कराने की कोशिश की है लेकिन मामला बदनामी का होने के नाते इसे अपने स्तर से दबाने की कोशिश कर रहा है, जब इस पूरेे मामले पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ऋषि कुमार सक्सेना से बात की गयी तो उनका इस पूरे मामले पर कहना था कि अभी तक मरीज ने कोई शिकायत नहीं की है। जब लिखित शिकायत आयेगी, तभी कार्यवाई की जायेगी। अगर मरीजों की शिकायत को देखा जाए तो बलरामपुर अस्पताल प्रशासन मौखिक शिकायत को फर्जी शिकायत मानकर मना कर देता है. उसका दावा रहता है जी जब तक लिखित शिकायत नहीं आती है तब तक कोई कार्यवाही नहीं होगी मरीज को इलाज के नाम पर इतना समझा दिया जाता है मरीज शांत रहने में ही अपनी भलाई समझता है.

Previous articleकेजीएमयू में सस्ती दवा का संकट
Next articleतबादले में देर हुई तो गुस्सा गए सरकारी डाक्टर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here