लखनऊ अग्निकांड: “15 मासूमों की मौत सामूहिक विफलता, व्यापारियों पर एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं” – अमरनाथ मिश्र

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​लखनऊ। लखनऊ व्यापार मंडल द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने हाल ही में हुए दुखद अग्निकांड पर गहरा शोक व्यक्त किया। इस हृदय विदारक घटना में 15 मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु पर दुख जताते हुए उन्होंने कहा कि यह त्रासदी केवल किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, अव्यवस्थित शहरी व्यवस्था और सामाजिक उदासीनता का सामूहिक परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए दीर्घकालिक व्यावहारिक कदम उठाने होंगे।

एलडीए और आवास विकास की कार्रवाई का विरोध: ‘
अमरनाथ मिश्र ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और आवास विकास परिषद द्वारा व्यापारियों को आनन-फानन में नोटिस जारी करने की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया।

उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए एकतरफा कार्रवाई कर व्यापारी वर्ग को निशाना बना रहे हैं, जिससे समाज में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है।
​ढांचागत कमियां और सरकारी विभागों की विफलता पर उठाए सवाल
​व्यापार मंडल ने ध्यान आकर्षित किया कि एलडीए और आवास विकास द्वारा विकसित इंदिरा नगर, गोमतीनगर, राजाजीपुरम जैसी योजनाओं में आबादी की तुलना में व्यावसायिक परिसरों (कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स) का निर्माण अत्यंत सीमित था। स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ही लोगों ने छोटे-छोटे प्रतिष्ठान स्वयं विकसित किए।

अमरनाथ ने कहा कि ​”जब सरकारी कॉम्प्लेक्सों में भी अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं हो रहा है, तो केवल व्यापारियों को ही दोषी ठहराना कहाँ तक न्यायसंगत है? यदि ये भवन वास्तव में असुरक्षित थे, तो संबंधित विभागों ने समय रहते इन्हें क्यों नहीं रोका? इन्हें व्यावसायिक विद्युत-जल कनेक्शन, जीएसटी पंजीकरण व फूड लाइसेंस कैसे जारी किए गए?”
​फायर हाइड्रेंट का मुद्दा: ‘सड़क के नीचे दब गया अंग्रेजों के जमाने का सुरक्षा सिस्टम’

​प्रेस वार्ता में बताया गया कि पुराने लखनऊ के विभिन्न बाजारों में अंग्रेजों के समय से स्थापित फायर हाइड्रेंट 1990 के दशक तक सक्रिय थे, जो बाद में सड़क निर्माण के कारण जमीन के नीचे दब गए। पिछले 10 वर्षों से व्यापार मंडल द्वारा इनका नक्शा मांगने के बावजूद प्रशासन ने कोई सकारात्मक सहयोग नहीं किया। यदि इन्हें पुनर्जीवित किया जाए, तो संकरी गलियों में तत्काल पानी उपलब्ध हो सकेगा।
​इसके अलावा, अमीनाबाद फायर स्टेशन के बाहर वेंडिंग जोन न होने के बावजूद अवैध अतिक्रमण, ई-रिक्शा और अवैध पार्किंग के कारण अग्निशमन वाहनों को समय पर रास्ता नहीं मिल पाता है।

​व्यापारियों का बड़ा प्रस्ताव: संवाद का रास्ता चुने प्रशासन
​मिश्र जी ने सुझाव दिया कि प्रशासन को एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संयुक्त बैठक कर संवाद का रास्ता चुनना चाहिए। व्यापारी वर्ग शहर की सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की स्थापना के लिए आर्थिक सहयोग देने को पूरी तरह तैयार है।

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