KGMU: क्वीन मैरी के HDU में AC खराब, उमस से मरीज हुआ बेहोश

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​लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और उमस की चपेट में है, वहीं केजीएमयू के दो महत्वपूर्ण विभागों— क्वीन मैरी (स्त्री एवं प्रसूति रोग) और पुराने रेडियोथेरेपी (कैंसर) विभाग में एयर कंडीशनर (AC) ठप पड़े हैं। इस लापरवाही के कारण गंभीर मरीज और उनके तीमारदार नर्क जैसी स्थिति में इलाज कराने को मजबूर हैं।
​1. क्वीन मैरी HDU: जीवन रक्षक वेंटिलेटरों पर खतरा, संक्रमण का बढ़ा डर
​क्वीन मैरी अस्पताल के हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) और वेंटिलेटर वार्ड में भर्ती अत्यंत गंभीर महिलाओं और नवजात माताओं की जान आफत में है। संवेदनशील वार्ड होने के बावजूद यहाँ कूलिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

​वॉर्ड का कड़वा सच:
​कुल AC: 8
​पूरी तरह खराब: 4 AC
​बाकी 4 की स्थिति: नाममात्र की कूलिंग, वेंटिलेशन ठप।
​बढ़ा खतरा: ऑपरेशन वाली महिलाओं में गंभीर संक्रमण (Infection) का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
​मशीनों पर भी मंडराया संकट:
विशेषज्ञों के अनुसार, HDU में लगे मॉनिटर, वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक उपकरणों के सही संचालन के लिए एक निश्चित तापमान (कूलिंग) बेहद जरूरी है। ज्यादा गर्मी के कारण ये मशीनें भी रीबूट हो सकती हैं या काम करना बंद कर सकती हैं।

​2. कैंसर विभाग: शो-पीस बने AC, सिंकाई के इंतजार में मरीज हो रहे बेहोश
​लापरवाही की दूसरी बानगी पुराने रेडियोथेरेपी विभाग में देखने को मिली, जहाँ कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों को भीषण प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
​गैलरी में पैर रखने की जगह नहीं, हवा के नाम पर सिर्फ ‘एक पंखा’
​कैंसर सिंकाई (रेडियोथेरेपी) के लिए आने वाले मरीजों को एक पतली गैलरी और छोटे से वेटिंग हॉल में घंटों इंतजार करना पड़ता है। दोपहर में अत्यधिक उमस और भीड़ के कारण एक कैंसर मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। आनन-फानन में तीमारदार उसे खुली हवा में बाहर लाए, तब जाकर उसकी जान में जान आई।

​शो-पीस बने AC: वेटिंग एरिया में लगे एयर कंडीशनर सालों पुराने, जर्जर और बंद पड़े हैं।
​मरीजों का भारी दबाव: सिंकाई के लिए मरीजों को सुबह से लेकर शाम तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है, लेकिन उनके बैठने या हवा की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं है।

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