आईएमए ने डाक्टर मारपीट प्रकरण पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कारवाई की मांग की है।
nhv
bhav
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के यूरोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार सिंह के साथ हुई कथित मारपीट और लूट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। KGMU शिक्षक संघ ने इस मामले को चिकित्सकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा बताते हुए उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया है।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षक संघ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 31 मई 2026 की शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की है। डॉ. विवेक कुमार सिंह अपनी कार से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में एक स्विफ्ट कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद कार सवार महिला और पुरुष ने डॉ. विवेक के साथ अभद्रता की और उनके साथ जमकर मारपीट की। पत्र में यह भी सनसनीखेज दावा किया गया है कि मारपीट के दौरान महिला ने डॉक्टर के गले से करीब 20 ग्राम सोने की चेन छीन ली। गंभीर रूप से घायल डॉक्टर को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराना पड़ा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
डॉक्टरों का आरोप है कि घटना के बाद डॉ. विवेक की पत्नी डॉ. विजेता सिंह ने आशियाना थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। वहीं, संघ ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि दूसरे पक्ष की ओर से मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसे उन्होंने एकतरफा कार्रवाई बताया है।
KGMU शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. संतोष कुमार ने गृह विभाग को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि इस घटना से विश्वविद्यालय के शिक्षकों में भारी आक्रोश है। संघ ने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
मामले में तत्काल निष्पक्ष FIR दर्ज की जाए।
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच हो।
डॉ. विवेक सिंह और उनके परिवार को अविलंब सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
मरीजों के इलाज पर संकट की चेतावनी
संघ ने सचेत किया है कि यदि चिकित्सकों के साथ इस तरह की हिंसा होती रही और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो अस्पताल में भय का माहौल पैदा होगा। इसका सीधा असर इलाज व्यवस्था पर पड़ सकता है।












