विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश:सपा नेता डा.आशुतोष
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में हुई गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर शाम सपा कार्यकर्ताओं ने राजधानी में विधान भवन व जन भवन के सामनेजोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

विधान भवन के सामने प्रदर्शन और सामूहिक गिरफ्तारी
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विधान भवन के सामने इकट्ठा हुए। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बीच कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और अपनी गिरफ्तारी देकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच कई बार तीखी नोंक झोंक भी हुई। सपा नेता गौरव सिंह यादव के मुताबिक, रात करीब 10 बजे तक सैकड़ों की तादाद में सपा कार्यकर्ता इको गार्डन में डटे रहे और अपना विरोध जताते रहे।

”विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश”
प्रदर्शनकारी सपा के वरिष्ठ नेता व प्रवक्ता डा आशुतोष वर्मा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि तानाशाही रवैये के जरिए विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवा विरोधी हैं। यह लोग इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते हैं, जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत में बात को दबाने की कोशिश की गई । लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
प्रदर्शनकारी अन्य नेताओं ने एक मत से कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का उत्पीड़न स्वीकार्य नहीं है और देश की जनता आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब देगी।
आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का पालन करते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रखा जाएगा।












