लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस अस्पताल पर लोगों की सेहत सुधारने की जिम्मेदारी है, वहीं की कैंटीन में स्वच्छता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
KGMU की शताब्दी फेज-1 व दो जोड़ने वाले रैंप के पास स्थित दूसरी मंजिल की कैंटीन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने अस्पताल प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कैंटीन में रखे केक, बन और क्रीम रोल जैसी खाने-पीने की चीजों पर कॉकरोच रेंगते साफ देखे जा सकते हैं।
कॉकरोच वाले केक और बन धड़ल्ले से बिकते रहे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कैंटीन के काउंटर पर रखे केक की ट्रे में कई कॉकरोच घूम रहे थे। इतना ही नहीं, बन और क्रीम रोल के ऊपर भी कॉकरोच मंडरा रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंदगी के बावजूद कैंटीन संचालक बिना किसी डर के इन्हीं दूषित खाद्य पदार्थों को बेचता रहा।
बड़ा खतरा: इस कैंटीन से न सिर्फ मरीजों के तीमारदार (परिजनों) खाना खरीद रहे थे, बल्कि बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र (मेडिकोज) और डॉक्टर भी यहाँ नाश्ता कर रहे थे।
कमजोर इम्यूनिटी वाले मरीजों को संक्रमण का भारी खतरा
अस्पताल परिसर में इस तरह की घोर लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य संकट को न्यौता दे रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
संक्रमण का खतरा: कॉकरोच से दूषित हुआ खाना फूड पॉइजनिंग और पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
कमजोर इम्यूनिटी: अस्पताल में भर्ती मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पहले से ही कमजोर होती है, ऐसे में यह गंदगी डॉक्टरों और तीमारदारों के जरिए मरीजों तक पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकती है।
निगरानी पर सवाल: कैंटीन की इस हालत ने KGMU प्रशासन के नियमित स्वच्छता जांच और फूड क्वालिटी मॉनिटरिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
KGMU प्रशासन सख्त: “जांच के बाद बंद होगी कैंटीन”
मामला गरमाने के बाद KGMU प्रशासन हरकत में आया है। पूरे विवाद पर KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने आधिकारिक बयान जारी किया है कि कैंटीन का एक वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। किसी की भी सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कैंटीन में साफ और शुद्ध खाद्य सामग्री सर्व नहीं होगी, तो उसका संचालन तुरंत बंद करा दिया जाएगा।












