लखनऊ। डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में लगातार हो लापरवाही से अब डाक्टरों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित बताकर डॉक्टरों को दोबारा नोटिस जारी होने आक्रोश बढ़ गया है। जबकि सभी डॉक्टर एक बार नोटिस का जवाब दे चुके हैं। उनका कहना है कि संस्थान प्रशासन उन्हें प्रताडि़त कर रहा है। जब पहली बार में उपस्थित पंजिका और वीडियो फुटेज निदेशक से मिल कर दिये जा चुके हैं, ऐसे में दोबारा नोटिस जारी करने का कोई मतलब नहीं है।
बताते चले कि लोहिया संस्थान में 27 मई को मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया था और फिर 28 को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान कई डॉक्टरों को अनुपस्थित बता दिया गया। ऐसे में शासन से डॉक्टरों को नोटिस थमा दी। नोटिस मिली नहीं कि संस्थान में अनुपस्थित बताये गये डॉक्टरों ने नोटिस का जवाब देते हुए पूरा विवरण दिया। उन्होंने उपस्थिति पंजिका और वीडियो फुटेज सबूत के तौर पर सौप दिया। जिन लोगों की दूसरे शिफ्ट में ड्यूटी थी उन्होंने अपना ड्यूटी चार्ट संलग्न करते हुए संस्थान प्रशासन को जवाब दे दिया। निदेशक से भी मुलाकात कर जानकार दे दी गयी। जांच कमेटी भी बैठा दी गयी।
अचानक फिर अब दो दिन नोटिस देकर अनुपस्थित रहने वाले सभी डॉक्टर जांच अधिकारी को अपना जवाब मांगा गया है। ऐसे में नोटिस मिलते ही डॉक्टर आक्रोशित हो गये हैं। उनका कहना है कि वे संस्थान प्रशासन को अपनी उपस्थिति का प्रमाण एक बार दे चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि संस्थान प्रशासन ड्यूटी से संबंधित उपस्थित पंजिका और वीडियो फुटेज संस्थान अपने स्तर पर निकलवा सकता है। निदेशक डा. ए के त्रिपाठी का कहना है कि इस प्रकरण में जांच कमेटी बनाई गई है। शासन की ओर से जांच करके वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए कहा गया था। इसलिए सभी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।












