आउटसोर्स सेवा निगम में देरी और वेतन न बढ़ने से लाखों आउटसोर्सिंग कर्मी उपेक्षित

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लखनऊ। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण उत्पीड़न रोकने तथा उचित वेतनमान दिए जाने के लिए मा मुख्यमंत्री जी द्वारा उप्र आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किए जाने के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव पारित किया गया था । मगर लगभग 8 माह बीतने के बाद भी अभी तक निगम की सेवाएं शुरू नहीं हुई ।

डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह और महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने मुख्यमंत्री को पुनः पत्र लिखकर आउटसोर्सिंग सेवा निगम को शुरू करने तथा कैबिनेट में पारित निगम द्वारा निर्धारित वेतनमान अतिशीघ्र लागू किए जाने की मांग की है । महामंत्री सच्चिता नन्द ने पत्र में कहा है कि सितंबर में कैबिनेट के फैसले के बाद वेतन निर्धारण का शासनादेश जारी हुआ था मगर अब तक लागू नहीं हुआ लगभग 8 माह बीत गए । मुख्यमंत्री बार बार मंच से उचित वेतनमान देने की बात करते है ,लेकिन इतनी देरी से कर्मचारी अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे है ।

आउटसोर्सिंग कर्मचारी सबसे अधिक संख्या में चिकित्सालयों , मेडिकल कॉलेजो और केजीएमयू, एसजीपीजीआई , डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान तथा कैंसर संस्थान में चिकित्सा जैसी अति महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे है उनका वेतन बेहद कम है और निगम के वेतन लागू होने की उम्मीद भी अब टूट रही है । मा मुख्यमंत्री जी ने जिस प्रकार शिक्षा मित्र आंगनबाड़ी और अन्य संविदा कर्मचारीयों का वेतन अप्रैल माह से बढ़ाया है उसी प्रकार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन बढ़ोत्तरी अप्रैल माह से ही लागू करवाए तभी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा ।

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