बंगाली गैंग की खंगाली जा रही कुंडली

पुराने सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीरों से कराई जा रही पहचान, पीजीआई और गोमतीनगर में पड़ी डकैती एक ही गिरोह का काम

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लखनऊ। पीजीआई में एचएएल कर्मी और गोमतीनगर में रिटायर्ड इंजीनियर के घर पड़ी डकैती के मामले में राजधानी पुलिस की टीमें बंगाली गैंग को तलाशने में जुट गई हैं। जांच टीमों को अभी तक जो भी तथ्य मिले हैं उससे इस बात की आशंका जताई जा रही है कि डकैती डालने का तरीका बंगाली गैंग जैसा ही है। इतना ही नहीं यह गैंग बीते साल राजधानी में ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुका है। यही वजह है कि पुरानी सीसीटीवी फुटेज में कैद बंगाली गैंग के सदस्यों की तस्वीर की पहचान कराए जाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।

बताया जा रहा है कि गोमतीनगर और पीजीआई में पड़ी डकैती के मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस टीमें पूर्व में दहशत का पर्याय रहे बंगाली गैंग पर नजर गड़ाए हुए हैं। सूत्रों की माने तो कुछ संदिग्धों को पकड़ा भी जा चुका है जिनसे कई अहम सुराग भी मिल गए हैं। हालांकि गैंग का अभी तक सुराग नहीं मिल सका है। हालांकि पुलिस के कुछ अधिकारी जेलों में बंद अन्य गिरोह के लोगों से पूछताछ कर बंगाली गिरोह की कुंडली खंगाले में जुट गई है। वजह यह भी है कि बीते काफी समय से इस गैंग ने चुप्पी साध रखी थी। लेकिन अचानक ही एक के बाद एक डकैती की वारदातों ने गैंग की सक्रियता पर सवाल उठा दिए हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

गौरतलब है कि1-128 विवेक खंड गोमतीनगर में शीत श्याम सदन में बिजली विभाग से सेवानिवृत अधिकारी गिरीश पांडेय पत्नी मंजू पांडेय, बेटा प्रशांत और बहू अनन्या व एक पोते, एक पोती के साथ रहते हैं। प्रशांत एक रियल स्टेट कंपनी में मैनेजर है जबकि उसकी पत्नी अनन्या बाराबंकी स्थित आईडीबीआई बैंक में काम करती है। वहीं गिरीश की बेटी कल्पना दुबई में नौकरी करती है। इन दिनों कल्पना अपने बच्चे के साथ यहां आयी हुई है। बीती रात करीब ढ़ाई बजे रेलवे लाइन के किनारे से करीब आधा दर्जन डकैत मकान की खिड़की का ग्रिल काट कर अंदर दाखिल हो गए।

डकैत असलहों से लैस थे। डकैतों ने पहले गिरीश और उनकी पत्नी मंजू के कमरे में धावा बोला। दोनों को लोहे की रॉड से घायल कर चादर से हाथ पैर बांध दिए। यहां डकैतों ने मंजू के गहने लूट लिए। फिर डकैत प्रशांत के कमरे में दरवाजा तोड़ का घुस गए। यहां भी डकैतों ने प्रशांत और उसकी पत्नी अनन्या पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। बदमाशों ने अनन्या के गहने व नगदी लूट ली और फरार हो गए।

शहर भर के सीसीटीवी कैमरों की हो रही पड़ताल

पुलिस के लिए चुनौती बनी डकैती की वारदात के बाद पुलिस की जांच टीमें शहर भर के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही है। यही नहीं पुरानी फुटेज भी खंगाली जा रही है। ताकि कैमरों में कैद बदमाशों की तस्वीर की पहचान कर उनकी धरपकड़ की जा सके। इसके अलावा पुलिस टीमें रेलवे स्टेशनो पर लगे कैमरों की भी जांच कर रही है।

दबोचे जा रहे बंगलादेशी और बंगाली

डकैती की वारदात के बाद पुलिस की टीमें शहर भर में घूम घूम कर यहां रह रहे बंगलादेशी और बंगाली लोगों को दबोचने में जुट गई हैं। कारण है कि पहले भी कई बार ऐसी संगीन वारदातों में झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बंगलादेशी और बंगाली लोगों की भूमिका सामने आयी थी। खूफिया रिपोर्ट में भी इस बात का कई बार जिक्र किया जा चुका है कि अवैध तरीके से यहां रह रहे ये शरणार्थी गली मोहल्लों में घूम घूम कर लोगों के घरों की रेंकी करते हैं।

संडीला, सीतापुर और हरदोई में भी जारी दबिश

डकैती के खुलासे को लेकर पुलिस की कई टीमें संडीला, सीतापुर और हरदोई पहुंच कर संदिग्ध जगहों पर दबिश दे रही है। आशंका जताई जा रही है कि वारदात अंजाम देने के बाद डकैत शहर से बाहर निकल कर आसपास के जिलों में छिप गए हैं। यही वजह है कि रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टाप तक संदिग्धों को देखते ही दबोचा जा रहा है।

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