लोकबंधु अस्पताल पर आरोप: इलाज के अभाव में बुजुर्ग की मौत, तीमारदारों से उलझे डॉक्टर और सुरक्षा कर्मी

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लखनऊ। राजधानी के लोकबंधु अस्पताल से संवेदनहीनता और चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगा है, जहां शुक्रवार रात समय पर इलाज न मिलने के कारण एक बुजुर्ग मरीज ने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। डॉक्टर द्वारा परिजनों से धक्का-मुक्की करने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

तड़पता रहा मरीज, पर्चा बनने में लगे 30 मिनट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलमबाग के अलीनगर सुनहरा निवासी 65 वर्षीय जगजीवन को अचानक सांस लेने में गंभीर तकलीफ हुई। उनका बेटा दीपक अपने पिता की जान बचाने के लिए शुक्रवार रात करीब साढ़े सात बजे बदहवास हालत में लोकबंधु अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचा था।
हैरानी की बात यह है कि मरीज की हालत बेहद नाजुक होने के बावजूद अस्पताल के सिस्टम को तरस नहीं आया। इमरजेंसी में मरीज का पर्चा बनने में ही करीब आधा घंटा लग गया और रात 8:01 बजे जाकर पर्चा बन सका। इस दौरान बुजुर्ग की सांसें उखड़ती रहीं और उनका बेटा डॉक्टरों के आगे हाथ जोड़ता रहा। पर्चा बनने के बाद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) ने एक इंजेक्शन लिखा और औपचारिकता पूरी करते हुए ऑक्सीजन लगा दी।

तीन बार गुहार लगाने पर भी नहीं पसीजे डॉक्टर
मृतक के बेटे दीपक का आरोप है कि ऑक्सीजन लगाने के बाद भी उनके पिता की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उन्होंने तड़पते पिता को देखने के लिए वहां मौजूद डॉक्टर से तीन बार मिन्नतें कीं और इलाज शुरू करने की गुहार लगाई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उनकी एक न सुनी।

“मैं डॉक्टर साहब के सामने गिड़गिड़ाता रहा कि मेरे पिता की सांसें थम रही हैं, उन्हें देख लीजिए। लेकिन डॉक्टर अपनी कुर्सी से टस से मस नहीं हुए। करीब एक घंटे बाद जब डॉक्टर साहब मरीज को देखने पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।” – दीपक, मृतक का बेटा
तकरीबन रात साढ़े नौ बजे जगजीवन ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। पिता की मौत से आक्रोशित और भावुक परिजनों ने जब डॉक्टर पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाते हुए इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो आरोपी डॉक्टर भड़क गए। डॉक्टर ने आपा खोते हुए तीमारदारों से मोबाइल छीनने की कोशिश की और उनके साथ धक्का-मुक्की की। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया।

न्याय के लिए पुलिस की शरण में पीड़ित परिवार
पिता को खोने के बाद बदहवास बेटे ने लोकबंधु अस्पताल के संबंधित ईएमओ और स्टाफ के खिलाफ लापरवाही और बदसलूकी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो अब अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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