लखनऊ। राजधानी लखनऊ में इन्फ्लूएंजा-ए H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शहर में H1N1 संक्रमण के 11 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद जिले में एक्टिव मरीजों की कुल संख्या 52 हो गई है। राहत की बात यह है कि डेंगू का कोई नया मरीज दर्ज नहीं किया गया है।
2 मरीज अस्पताल में भर्ती, 9 होम आइसोलेशन में
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि नए सामने आए 11 मरीजों में से 2 की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 9 मरीज होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। वहीं, पहले से अस्पताल में भर्ती 2 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं।
गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं RT-PCR जांच
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की गाइडलाइन का हवाला देते हुए सीएमओ ने बताया कि मरीजों को लक्षणों के आधार पर वर्गीकृत किया जा रहा है:
गंभीर लक्षण (हाई रिस्क श्रेणी): तेज बुखार के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी, रक्तचाप (BP) कम होना, नाखूनों का नीला पड़ना या बलगम में खून आना। ऐसे मरीजों की तत्काल ‘रियल टाइम आरटी-पीसीआर’ (Real-Time RT-PCR) जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
बच्चों में खतरे के संकेत: बच्चों में अत्यधिक सुस्ती, लगातार तेज बुखार, खान-पान बंद कर देना, झटके आना या तेज सांस चलना गंभीर श्रेणी के लक्षण हैं।
सामान्य लक्षण: बुखार, जुकाम, गले में खराश और खांसी वाले मरीजों को RT-PCR जांच की आवश्यकता नहीं है। उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से परामर्श लेकर घर पर आराम करने की सलाह दी गई है।
हाई-रिस्क वर्ग के लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि सामान्य मरीज घर के संवेदनशील सदस्यों से दूरी बनाकर रखें।
विशेष रूप से:
छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं
65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग
डायबिटीज, रक्त विकार या तंत्रिका संबंधी पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीज
अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के सख्त निर्देश
संक्रमण को रोकने के लिए अस्पतालों में मरीजों की अलग से स्क्रीनिंग, आइसोलेशन वार्ड और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) के उपयोग को अनिवार्य कर दिया गया है।











