लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों को गुमराह करने वाले सिंडिकेट पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को केजीएमयू प्रशासन की टीम ने परिसर में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान ओपीडी से भागने की कोशिश कर रहे दो संदिग्ध दलालों को अधिकारियों ने खुद दौड़ाकर पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद लारी और ट्रॉमा सेंटर के आसपास अवैध रूप से मंडराने वाले निजी एम्बुलेंस चालकों और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया है।
🚨 औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, अफसरों ने खुद लगाई दौड़
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे केजीएमयू के डीन पैरामेडिकल डॉ. केके सिंह और डॉ. भास्कर अग्रवाल समेत भारी प्रशासनिक अमला अचानक लारी कार्डियोलॉजी ओपीडी पहुंचा। टीम को देखते ही मरीजों को जाल में फंसा रहे दलालों के होश उड़ गए और उन्होंने भागने का प्रयास किया। मुस्तैद डॉक्टरों और अफसरों ने तत्परता दिखाते हुए दलालों को घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया।
”मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है”
“निगरानी के दौरान टीम ने दो ऐसे संदिग्धों को पकड़ा जो दूर-दराज से आने वाले भोले-भाले मरीजों और उनके तीमारदारों को बहला-फुसला रहे थे। ये लोग केजीएमयू के बजाय निजी मेडिकल स्टोरों से महंगी दवाएं खरीदने और मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने का दबाव बना रहे थे। पूछताछ के बाद दोनों को पुलिस को सौंप दिया गया है।”
— डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता व डीन पैरामेडिकल, KGMU
🛑 कार्रवाई का असर: मेडिकल स्टोरों में सन्नाटा, एम्बुलेंस गायब
केजीएमयू प्रशासन के इस कड़े रुख का असर कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर और आसपास के इलाकों में देखने को मिला:
निजी एम्बुलेंस रफूचक्कर: छापेमारी की खबर फैलते ही ट्रॉमा सेंटर और लारी परिसर के बाहर अवैध रूप से खड़े रहने वाले निजी अस्पतालों के एम्बुलेंस चालक अपनी गाड़ियां लेकर रफूचक्कर हो गए।
मेडिकल स्टोरों में हड़कंप: लारी के बाहर स्थित निजी मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप का माहौल है, जो अक्सर इन दलालों के जरिए मोटी कमीशन पर दवाएं बिकवाते थे।
💼 ‘दलाली किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं’ — कुलपति
इस पूरे मामले पर केजीएमयू की कुलपति ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ किया है कि मरीजों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।












