अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ में अनूठा आयोजन
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजधानी लखनऊ के महानगर स्थित शहीद भगत सिंह तरणताल में आयोजित विशेष जल योग कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता का प्रेरणादायी संदेश दिया। कार्यक्रम में जल योग के माध्यम से न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया, बल्कि नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों की सफाई एवं संरक्षण के लिए जनजागरण का भी आह्वान किया गया।
इस अवसर पर डॉ. टंडन, विजय द्विवेदी, अर्जुन सिंह, रमेश कुमार सैनी, प्रदीप गुप्ता, दिनेश चंद्र गुप्ता, सार्थक, भरत वर्मा, प्रवीन, उपेंद्र तथा डॉ. मोहम्मद कामरान सहित अनेक योग साधकों ने जल में विभिन्न योग क्रियाओं का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों को जल योग की विशेषताओं से अवगत कराया।
वक्ताओं ने बताया कि सामान्य योग की अपेक्षा जल योग शरीर को अधिक लाभ पहुंचाता है। पानी में योगाभ्यास करने से शरीर को ठंडक मिलती है, मांसपेशियों पर दबाव कम पड़ता है तथा मानसिक एकाग्रता और संतुलन में वृद्धि होती है। साथ ही यह तनाव, अवसाद और थकान जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक माना जाता है।
पिछले 22 वर्षों से जल योग का अभ्यास कर रहे दिनेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि नियमित जल योग से उनका शरीर अधिक लचीला हुआ है और घुटनों के दर्द में उल्लेखनीय राहत मिली है। वहीं प्रसिद्ध कलाकार रमेश कुमार सैनी ने कहा कि जल योग से पूरे शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है तथा मन को अद्भुत शांति प्राप्त होती है।
डॉ. मोहम्मद कामरान ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जल योग और प्राणायाम के अभ्यास से उन्हें घुटनों की समस्या में लाभ मिला है तथा श्वसन संबंधी स्वास्थ्य में भी सुधार महसूस हुआ है। अन्य साधकों ने भी जल योग को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में युवाओं को जल संरक्षण अभियान से जोड़ने, नदियों और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति और जल संसाधनों के संरक्षण का भी सशक्त अभियान बन सकता है।












