₹30,000 प्रति माह मानदेय की मांग
लखनऊ। गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के एमबीबीएस (MBBS) छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों ने सोमवार को संस्थान परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इंटर्नशिप स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर डॉक्टरों ने जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की।
’दिन-रात काम, लेकिन मानदेय बेहद कम’
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल इंटर्न्स को वर्तमान में केवल ₹12,000 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जा रहा है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम है।
”हम अस्पताल में दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं और लंबी-लंबी शिफ्ट में ड्यूटी निभाते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का एक अहम हिस्सा होने के बावजूद हमारी जिम्मेदारियों के हिसाब से मानदेय नहीं मिल रहा।”
— प्रदर्शनकारी इंटर्न डॉक्टर
प्रमुख मांगें
स्टाइपेंड में बढ़ोतरी: इंटर्नशिप स्टाइपेंड को तत्काल बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 प्रति माह किया जाए।
वित्तीय राहत: आर्थिक दबाव दूर हो ताकि डॉक्टर बिना किसी वित्तीय तनाव के अपना चिकित्सा प्रशिक्षण पूरा कर सकें।
’मांग पूरी नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन’
छात्रों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने उनके साथ वार्ता कर स्टाइपेंड बढ़ाने का सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के इंटर्न डॉक्टरों ने भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था और ‘आर-पार की लड़ाई’ का ऐलान किया था। इस सिलसिले में इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से भी मुलाकात कर चुका है।











