वैशाख पूर्णिमा पर बन रहा बेहद दुर्लभ और दिलचस्प संयोग

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इस पूरे महीने की शुरुआत पूर्णिमा तिथि से होगी और समापन भी पूर्णिमा : ज्योतिषाचार्य एस एस नागपाल

लखनऊ। वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) एक मई शुक्रवार को मनाई जाएगी। उदयातिथि के अनुसार, स्नान, दान और पूजा के लिए यह दिन उत्तम है। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9:12 बजे शुरू होकर एक मई की रात 10:52 बजे समाप्त होगी। इस दिन भगवान विष्णु और बुद्ध की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज के ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल ने बताया कि इस बार एक बेहद दुर्लभ और दिलचस्प संयोग लेकर आ रहा है, इस पूरे महीने की शुरुआत पूर्णिमा तिथि से होगी और समापन भी पूर्णिमा के दिन ही होगा। वैशाख पूर्णिमा एक मई महीने की शुरुआत होगी, 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा मनाई जाएगी।

वैशाख की पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने विष्णु मंत्रों का जाप और सत्यनारायण कथा का पाठ करना लाभकारी माना गया है। जल का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा, यमुना या नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में स्नान, तप, व्रत, अन्न, वस्त्र व धन का दान से पापों से मुक्ति और सुख समृद्धि मिलने की मान्यता है।

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