लखनऊ। नियमों को धता बताते हुए राजधानी में जांच में फेल होने के बावजूद ब्लड बैंक न सिर्फ खुलेआम संचालित हो रहे हैं, यह मरीजों की जिंदगी से खेल रहे हैं।
राजधानी में लगभग 60 ब्लड बैंक संचालित हो रहे हैं। इनमें 29 चैरेटबल और सोसाइटी द्वारा संचालित ब्लड बैंक हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो FSDA के निरीक्षण में हर बार कमिंया मिलने के बावजूद बंद नहीं किए गए। जांच रिपोर्टों में साफतौर पर सामने आया कि कई ब्लड बैंकों में न तो मानक के अनुरूप जांच उपकरण हैं। न ही प्रशिक्षित डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। इसके बावजूद ब्लड बैंक से ब्लड यूनिट सप्लाई कर मरीजों की जान से खेल रहे हैं।
कई ब्लड बैंक पहले भी अनियमितताओं में पकड़े जा चुके हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सिर्फ नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी कर ली गई।
बिना पूरी जांच और मानकों के विपरीत तैयार किया गया रक्त सीधे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में मरीजों की हालत गंभीर हो सकती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी शांत बैठे हैं। बार-बार जांच में फेल होने के बावजूद उनके लाइसेंस रद्द नहीं किए जा रहे। कई ब्लड बैंकों में गंभीर गड़बड़ी मिलीं है ,कुछ को तय समय के लिए बंद भी किया गया, लेकिन बाद भी बिना कुछ ध्यान दिए ब्लड बैंकों को खोल दिया गया।












