लखनऊ। रोड एक्सीडेंट में सहित अन्य हादसों में मरने वाले का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यदि ट्रामा के मरीजों को सही समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाए और वक्त पर इलाज मिल जाए, तो 80 प्रतिशत से अधिक घायलों की जिंदगी बच सकती है। वल्र्ड ट्रामा डे पर रविवार को किं ग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से छह विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम पटना में एड़वांस ट्रामा लाइफ सपोर्ट सेंटर(एटीएलएस) को स्थापित कराने के लिए रवाना हो गई। इससे पहले केजीएमयू में सर्जरी विभाग के प्रोफेसर व एटीएलएस कोर्स के राष्ट्रीय निदेशक डा. विनोद जैन बताया कि देश के सभी राज्यों में एटीएलएस सेंटर शुरू करने की योजना है। इसके लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय को एटीएलएस का नोडल सेंटर बनाया है।

केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग के वरिष्ट डाक्टर व एटीएलएस कोर्स के राष्ट्रीय निदेशक डा. विनोद जैन ने बताया कि कि पटना में खोला जा रहा एटीएलएस सेंटर बिहार का पहला व देश का 21 वां सेंटर होगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल में ऐसे ही सेंटर की स्थापना करने का प्रस्ताव है। इसी क्रम में जल्द ही आंध्र प्रदेश व अन्य राज्यों में एटीएलएस खोले जाएंगे। केजीएमयू इन सभी सेटरों की स्थापना में सहयोग करेगा। केजीएमयू कुलपति डा. बिपिन पुरी के निर्देशन में रविवार को पटना गयी है। इस टीम में विशेषज्ञ डा. विनोद जैन के साथ ट्रामा सर्जरी के विशेषज्ञ डा. समीर मिश्रा, डा. यदुवेंद्र धीर, डा. शालिनी गुप्ता व डा. विकास सिंह शामिल हैं। पटना के इंदिरागांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) में इस एटीएलएस सेंटर की स्थापना कराई जा रही है।
डा. जैन ने बताया कि डाक्टरों व अन्य स्टाफ को ट्रामा के मरीजों को तत्काल इलाज करने की जानकारी दी जाएंगी। जैसे की पहुंचे मरीज को ट्रामा कब सीपीआर देना है आैर देने का तरीका कैसा हो। ब्लीडिंग को कैसे रोकना है। मरीज को तत्काल वक्त अस्पताल ले जाते समय किन बातों का ध्यान रखना है।












