लोहिया संस्थान की शासन में शिकायत, हो गयी जांच

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लखनऊ। शासन ने गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शव देने में देरी व होल्डिंग एरिया से मरीज को शिफ्ट करने मे देर करने की शिकायतों को संज्ञान में ले लिया है। जांच में शव कोरोना संक्रमित निकला था। शासन की सख्ती के बाद आनन-फानन में उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने गठित कर दी गयी है, जिसने लोहिया संस्थान पहुंच कर तत्काल इमरजेंसी व हॉस्पिटल ब्लॉक के इंतजामों का निरीक्षण कर जानकारी लिया। यह कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजेगी।

बताते चले कि मंगलवार को गंभीर हालत में महिला मरीज को लोहिया की इमरजेंसी में पहुंची। यहां पर इमरजेंसी में इलाज के दौरान थोड़ी देर में महिला मरीज की मौत हो गयी। इमरजेंसी में डॉक्टरों ने कोरोना जांच के बाद ही शव देने की बात कही। परिजनों ने जल्द कोरोना की जांच कराने का अनुरोध किया। कई घंटों बाद भी जांच रिपोर्ट न आने पर परिजनों ने शव देने की फरियाद डाक्टरों से की, किसी ने एक न सुनी। परिजनों ने भी अपने सम्पर्क का प्रयोग करते हुए शासन के आला अधिकारियों को लोहिया संस्थान के प्रकरण की शिकायत कर दी।

शासन के आला अधिकारी हरकत में आये आैर घटना का संज्ञान में ले लिया। आनन-फानन में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। इसमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के विशेष सचिव माकर्डे शाही, आलोक पांडेय और पीजीआई के आरके सिंह लोहिया संस्थान पहुंचे। टीम ने हॉस्पिटल ब्लॉक की इमरजेंसी सेवाओं का निरीक्षण किया। उच्चस्तरीय कमेटी की जांच से लोहिया संस्थान में हड़कम्प मच गया। जांच टीम ने सीएमएस डॉ. राजन भटनागर से शव प्रकरण के बारे में पूछताछ की।
डॉ. भटनागर का कहना है कि कोरोना के लक्षण वाले मरीज का यदि निधन होता है तो उसकी जांच कराने के बाद ही शव परिजनों को दिया जाता है। उनका कहना है कि यह काम कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत ही होता है। उन्होंने कहना है कि महिला के शव का नमूना लेकर केजीएमयू भेज कर वहां ट्रूनेट मशीन से जांच करायी गयी। उसके बाद परिजनों को शव सौंप दिया गया।

होल्डिंग एरिया में भर्ती मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कर्मचारियों को क्वॉरंटीन में भेजने व जांच में देरी पर भी जांच टीम ने जानकारी हासिल की। कर्मचारियों ने आरोप था कि मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कई बार फोन करके जानकारी मांगी गयी। परन्तु कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को दूसरे दिन ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जांच कराई व क्वॉरंटीन किया गया। टीम ने होल्डिंग एरिया के बारे में जानकारी दी।

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