लखनऊ। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज एसजीपीजीआई के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही वहां भर्ती मरीजों से बात कर उनके स्वास्थ्य आैर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ओपीडी में कैंसर पीड़ितों को अधिक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए निदेशक व अन्य संबंधित अधिकारियों को इनकी समस्या के शीघ्र निस्तारण व इलाज के लिए निर्देश दिए। इसके अलावा इमरजेंसी में बिस्तरों की संख्या दुगनी करने का निर्देश भी दिया। वहां पर उपस्थित कर्मचारियों एवं पी.आर.ओ. को रोगियों से मृदुभाषी होने व अच्छा व्यवहार करने हेतु आदेशित करते हुए इसके उल्लंघन पर कड़ी कार्यवाही किए जाने की चेतावनी भी दी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने निरीक्षण में देखा कि इमरजेंसी वार्ड मे कुल 30 बेड की व्यवस्था है, जिसमें 8 रेड जोन, 7 यलो जोन तथा 15 बेड ग्रीन जोन के है। इन सभी बेडों पर मरीज भर्ती थे। उन्होंने इन बेडों को बढ़ाकर दुगुना करते हुए 60 करने के निर्देश दिए। इस पर पीजीआई के इमरजेंसी प्रभारी तथा निदेशक डा. धीमान ने दस और आकस्मिक चिकित्सा अधिकारियों की आवश्यकता बतायी,ताकि मरीजों के इलाज में आैर बेहतर बनाया जा सके। इस पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से वार्ता कर यथासंभव उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। निरीक्षण में उन्होंने ने कार्डियोलॉजी विभाग में क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक मरीजों के इलाज के निर्देश दिए।
कार्डियोलॉजी विभाग के निरीक्षण में देखा कि कुल 22 बेड उपलब्ध है, जिन पर मात्र 3 मरीज भर्ती थे। उन्होंने कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष द्वारा मरीजों के शीघ्रता से कोविड टेस्ट कराने की आवश्यकता बताने के क्रम में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि डायलिसिस यूनिट में 55 मशीनों व बेड की उपलब्धता है, जिसे तीन शिफ्टों में संचालित किया जा रहा है। दस डायलिसिस मशीनों की व्यवस्था कोविड हॉस्पिटल में उपलब्ध है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन में 20 बेड उपलब्ध है जहां पर भी मरीज भर्ती थे।












