लखनऊ। पीजीआई में आयोजित वार्षिक कांफ्रेंस कार्डीकॉन में शनिवार को कानपुर के प्रसिद्ध काडियोलॉजिस्ट डॉ. एसएस सिंघल को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पीजीआई के कार्डियोलॉजी विभाग के डीएम छात्र कृष्णा यू चटर्जी, केजीएमयू के धनंजय कुमार व जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर के अजय कुमार सिंह को बेस्ट डीएम स्टूडेंट का अवार्ड दिया गया। यह अवार्ड पीजीआई के कार्यवाहक निदेशक एके त्रिपाठी और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पीके गोयल ने दिए। कार्डीकॉन के आयोजक सचिव डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि कार्डियोलॉजिकल सोसायटी आफ इंडिया यूपी चैप्टर ने यह बार अवार्ड दिए हैं।
कांफ्रेंस में जुटे देश भर के दिल के डॉक्टरों ने दिल की बीमारी इलाज की नई तकनीकि साझा की और नए डॉक्टर्स और पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया। समारोह में डॉ. आदित्य कपूर व रुपाली खन्ना ने कांफ्रेंस में दिल के इलाज की नई तकनीकि साझा की। कार्डीकान के आयोजक सचिव डॉ. नवीन गर्ग ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद अधिकांश मरीज समय से अस्पताल नही पहुंच पाते हैं। डॉ. तिवारी कहते हैं कि इलाज न कराने के पीछे एक बड़ी वजह लोगों की आर्थिक स्थिति भी है। इंटरवेंशन की देन है कि एक से अधिक धमनियों में रूकावट होने पर भी एंजियोप्लास्टी की जाने लगी है। नतीजतन एंजियोप्लास्टी की सफलता दर पहले के मुकाबले काफी इजाफा हुआ है।
15 फीसदी में अब एंजियोप्लास्टी संभव पीजीआई के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुदीप कुमार ने कांफ्रेंस में बताया कि मुख्य रक्त वाहिका में रूकावट होने पर जरूरी नही है कि बाई पास सर्जरी ही की जाये। इंटरवेंशन तकनीकि आने से इसके 10 से 15 फीसदी मामलों में एंजियोप्लास्टी से इसका इलाज संभव है। नेशनल इंटरवेंशन काउंसिल कांफ्रेंस में संस्थान के कार्डियोलाजिस्ट डॉ. सुदीप ने बताया कि इंटरवेंशन तकनीकि बाई पास सर्जरी के मुकाबले काफी सुरक्षित है। मुख्य रक्त वाहिका के मुख्य द्वार पर ब्लॉकेज होने पर भी एंजियोप्लास्टी संभव हो गई है। अमूमन ऐसी स्थिति में एंजियोप्लास्टी नहीं की जाती थी। इसमें जोखिम ज्यादा था। काफ्रेंस में इंटरवेंशन तकनीकि से की गई कई मरीजों की एंजियोप्लास्टी का लाइव प्रसारण कर जूनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों को बताया गया। कांफ्रेंस में देश विदेश से आये करीब 1500 दिल के डॉक्टरों ने अनुभव साझा किये।सालभर में देश के पौने छह लाख लोगों ने एंजियोप्लास्टी करायी।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












