लखनऊ। नोयडा के सरकारी अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ जिम्मेदारी अधिकारियों ने ट्रामा सेंटर अन्य विभागों में आग बुझाने के संसाधनों की जांच पड़ताल की। कुछ खामियां मिलने पर सुधार करने के निर्देश दिये, तो चोरी छिपे जल रहे हीटर को जलाने से रोक दिया गया। दोपहर में केजीएमयू प्रशासन के जिम्मेदारी अधिकारियों की टीम ने परिसर में कुछ ट्रामा सेंटर, शताब्दी अस्पताल फेज -वन व टू का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फायर फायटिंग सिस्टम को परखा गया। इसके तहत के कुछ जगहों पर खामियां को पकड़ा गया। उनको दूर करने के निर्देश दिये गये।
यही नहीं ट्रामा सेंटर जो कि कुछ वर्षो पहले लाक्षा गृह बन गया था। वहां पर कर्मचारियों को कुछ फ्लोर पर बिना जानकारी दिये हीटर जलाये पकड़ा गया। उन सभी को सख्ती से हीटर जलाने पर रोक लगा दी गयी है। अधिकारियों का कहना कि सेट्रल एसी सिस्टम से गरम हवा निकलती है, जो कि फ्लोर को गरम करती रहती है। इस कारण ऐसी सर्दी नहीं पड़ती है, जिसके कारण हीटर जलाना पड़े। सेंटर में यह तय किया जा रहा है कि जिस प्वाइंट का काम है, उस पर उतना ही पावर लोड दिया जाए। अन्य कार्यो के लिए बिजली विभाग से अनुमति ली जाए। बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जा सकती है। बताते चले कि इससे पहले ट्रामा सेंटर में हुए शार्ट सर्किट में बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर निलम्बित भी किया गया था। परन्तु बाद में जोड़- तोड़ करके बहाल कर दिया गया था।
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