लखनऊ। मुख्यमंत्री की सख्त निर्देश के बाद किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था को ठीक करने में जुटे है। ट्रामा सेंटर के बाद गांधी वार्ड के सामने के रैन बसेरा की छत को ठीक भी कराया जा रहा है। इससे वहां ठहरने वाले तीमारदारों को परेशानी हो रही है। अगर यही मरम्मत का कार्य ठंड से पहले करा दिया गया होता, तो एक तीमारदार की मौत ठंड नहीं होती।
बताते चले कि मुख्यमंत्री के निरीक्षण पर भी केजीएमयू के रैनबसेरा की हालत नहीं सुधरी थी आैर दूसरे दिन ही गांधी वार्ड के सामने रैन बसेरा में एक तीमारदार की ठंड से मौत हो गयी थी। इसके बाद ट्रामा सेंटर के सामने बने रैनबसेरा की पन्नी ठीक कराने के बाद गद्दे बिछा कर कम्बल भी बांट दिये गये थे। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने अन्य रैन बसेरा की मरम्मत शुरू कर दी। आज गांधी वार्ड के सामने की रैन बसेरा की छत को बदलने का काम शुरु कर दिया गया। इससे वहां पर रूके तीमारदारों को परेशान हो रही थी।
उधर रविवार को बलरामपुर के सीएमएस डॉ. ऋ िष कुमार सक्सेना ने भी रैन बसेरा का निरीक्षण किया तो उन्हें खुद खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने तुरंत ही सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए हैं। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. सक्सेना ने रविवार को दिन में परिसर का निरीक्षण किया। वह परिसर के रैन बसेरों में गए। वहां पुख्ता इंतजाम नहीं मिले। इस पर उन्होंने रैन बसेरा के प्रभारी को बुलाकर सख्त हिदायत दी। तुरंत ही चटाई, कंबल, चादर आदि की उचित व्यवस्था को कहा। इसके अलावा उन्होंने इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक का निरीक्षण किया। कई वार्ड में मरीज और तीमारदारों को कंबल, चादर नहीं मिला था। हीटर की कमी थी। उन्होंने तुरंत ही सभी नर्सों आदि को रैन बसेरों से लेकर वार्डों में ब्लोअर, हीटर आदि की व्यवस्था करने को कहा।
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