लखनऊ। उम्र कोई भी हो, नींद पूरी लेनी चाहिये, क्योंकि नींद के दौरान शरीर के ग्रोंथ सेल अपडेट होते है आैर हार्मोंन क्रियाशील होते है। नींद पूरी न होने पर कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती है। नींद को लेकर अभी वैज्ञानिक लगातार शोध कर रहे है आैर उसके रहस्य को समझ नहीं सके है। यह जानकारी एम्स नयी दिल्ली के फिजियोलॉजी विभाग प्रमुख डा. एचएन मलिक ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के फिजियोलॉजी विभाग के स्थापना दिवस समारोह में कही। कार्यक्रम में विभाग प्रमुख प्रो. सुनीता तिवारी भी मौजूद थी। कार्यक्रम में स्लीप लैब का उद्घाटन भी किया गया।
डा. मलिक ने बताया कि नींद को लेकर अभी भी शोध चल रहे है, यह अभी भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्यमय बनी रहती है। फिर भी एक से पांच वर्ष की उम्र तक 14 घंटे, पांच से 12 उम्र तक 10 से बारह घंटे, 12 से 18 वर्ष तक दस घंटे,18 से ऊपर उम्र के लोगों को छह से आठ घंटा जरुर सोना चाहिए। जब शरीर आराम करता है तो मिलेनटालिन हार्मोन सिर्फ रात में ही क्रियाशील होता है। मष्तिक के न्यूरान व शरीर में डीएनए रिपेयर होतेहै। कोशिकाओं की अपना काम करती है। उन्होंने कहा कि भले ही हम नींद में होते है, लेकिन अंदर आर्गन अपनी भूमिका में सक्रिय रहते है।
विभाग के वरिष्ठ डा. नरसिंह वर्मा ने बताया कि सोने से पहले गुड फिजिकल एक्टिवटी, स्कैल्प मसाज बेहतर रहता है। इसके अलावा सोने के कमरे में अधेंरा रहना ही बेहतर रहता है। अक्सर ब्लू लाइट का प्रयोग करते है, जोकि सही नहीं मानी गयी है। विभाग प्रमुख डा. सुनीता तिवारी ने बताया कि स्लीप लैब में नींद से जुड़ी बीमारी का इलाज किया जाएगा।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












