लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और बदलती छवि पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि अराजकता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘अमर उजाला’ के स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए सीएम ने सड़कों पर नमाज, महिला सुरक्षा और प्रदेश के औद्योगिक विकास पर विस्तृत चर्चा की।
सड़कों पर नमाज पढ़ने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, “नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़िए, हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सड़क बाधित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” उन्होंने बरेली की घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि लोग संवाद से नहीं मानेंगे, तो सरकार “दूसरे तरीके” अपनाने और संघर्ष के लिए भी तैयार है। उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक मार्ग बीमारों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए हैं, जिन्हें किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए रोका नहीं जा सकता।
कट्टा-बम से ‘ब्रह्मोस’ तक का सफर
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले यूपी की पहचान ‘कट्टा-बम’ और माफिया संस्कृति से होती थी। आज यूपी डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल बना रहा है। उन्होंने कहा:
यूपी बॉटम-2 से निकलकर देश के टॉप-2 राज्यों में शामिल हो गया है।
प्रदेश की GSDP 12 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ हो गई है।
96 लाख MSME इकाइयों के माध्यम से 3 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है।
महिला सुरक्षा: ‘रावण-दुर्योधन जैसी होगी दुर्गति’
बेटियों की सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए सीएम ने कहा कि राह चलती महिला से छेड़खानी करने वालों का हश्र रावण और दुर्योधन जैसा होगा। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के बेहतर माहौल के कारण ही महिला वर्कफोर्स 12% से बढ़कर 36% हो गया है।
फेक न्यूज और पत्रकारिता पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने सनसनीखेज पत्रकारिता और ‘डीप-फेक’ के खतरों पर आगाह किया। उन्होंने कहा कि फेक न्यूज समाज में आग लगाने का काम करती है, जिसे बुझाना कठिन होता है। उन्होंने पत्रकारों से नकारात्मकता के बजाय सकारात्मक और संवेदनशील पत्रकारिता के जरिए लोकतंत्र को मजबूत करने का आह्वान किया।
”यूपी में अब कोई गुंडा टैक्स नहीं भरता। राजनीति, जातिवाद और परिवारवाद ने इस राज्य को बीमारू बनाया था, जिसे हमने विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।” — योगी आदित्यनाथ




