लखनऊ। नौतपा को ज्योतिष में प्रचंड गर्मी के दिनों को परिभाषित करती है। जब सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं और तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है, ज्येष्ठ के महीने में जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के शुरुआती 9 दिन जो सबसे अधिक गर्म माने जाते हैं, जिन्हें ‘नौतपा’ कहा जाता है। इस वर्ष यह 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक जारी रहेगा।

स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र अलीगंज ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि नौतपा के दौरान जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून के मौसम में उतनी ही अच्छी बारिश होने की संभावना बनती है नौतपा के दिनों में दान-पुण्य करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को शुभ फल प्राप्त होते हैं।
साथ ही, पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है। इन दिनों सूर्य देव को अर्घ्य देना, प्याऊ स्थापित करना, जल, शरबत, सत्तू, मिट्टी के बर्तन, छाते, सूती कपड़े, हाथ के पंखे और मौसमी फलों जैसी चीजों का दान करना बेहद ही शुभ माना जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। जो पहले से ब्लड प्रेशर शुगर अन्य बीमारियों से पीड़ित है उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर खान-पान प्रधान देना चाहिए और धूप में निकलने से बचना चाहिए।












