लखनऊ। केजीएमयू के डेंटल विभाग में मरीजों को सस्ती दवाएं भी नहीं मिल रही हैं। चार दवाओं में सिर्फ एक मिली। शुक्रवार को जब रिवर बैंक कालोनी के मोहम्मद दिलावर को दवा कम मिलते हैं, उनका धैया जवाब दे गया। बोले ‘इतनी दौड़-धूप आैर 251 रुपये खर्च करने के बाद पत्नी का दांत उखड़ा। पचास रुपये का कार्ड, एक रुपये का पर्चा आैर दो सौ रुपये दांत उखड़वाने की फीस जमा की है। अब पूरी दवा मिलनी चाहिए। इसके लिए दोबारा डाक्टर गए आैर शिकायत करके फिर से दवा काउंटर के पास मरीजों को मिलने वाली दवा पर नजर गड़ाए रहे।
दवा काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने कई अन्य मरीजों को भी एक ही दवा दी, उनका गुस्सा शांत हुआ। डाक्टर ने पर्ची पर एममोक्सी क्लेव 650 एमजी, ब्रुफेन, बी काम्लेक्स आैर मैट्रोजिल लिखी थी, इसमें एक ही दवा ब्रुफेन मिली। सूत्रों की माने तो तीन-चार माह से दवाओं का संकट बना है। खास बात यह है कि इनकी एक गोली की कीमत थोक भाव में एक रुपये से कम है। यहां पर पिछले तीन-चार माह से दवाओं का संकट बढ़ा है।
दवाओं के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एसएन शंखवार ने बताया कि दवाओं की उपलब्ध के बारे में डेंटल विभाग के चिकित्सा अधीक्षक ही बेहतर बता पाएंगे।












