किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को स्ट्रैचर का संकट समाप्त नहीं हो रहा है। आलम यह है कि स्टैचर न मिलने पर मरीज गोद में उठाकर इमरजेंसी में भर्ती कराते है। यहां से विभागों में रेफर किए जाने वाले मरीजों को भी एंबुलेंस व स्टैचर न मिलने की समस्या बनी रहती है। ऐसे में बारिश या धूप में तीमारदार मरीज को गोद में लादकर वार्ड तक ले जाते हैं। ट्रामा सेंटर प्रशासन का दावा है कि स्टैचर व एंबुलेंस की कोई कमी नहीं है।
शुक्रवार दोपहर गोंडा निवासी राम दुलारे (बदला नाम) अपने बच्चे को गोद में किसी तरह लेकर बाल रोग विभाग जा रहा था। उसके बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने के कारण परेशानी हालत में वह गोद में ले भी नहीं पा रहा था। उसने रोते हुए बताया कि बच्चे को बुखार आ रहा है आैर हालत में सुधार न होने पर केजीएमयू में भर्ती कराया है।
यहंा पर डाक्टरों ने अभी सिर्फ जांच करायी है लेकिन अभी डेंगू या दिमागी बुखार जैसा कुछ नहीं बताया है। उसने बताया कि उसने काफी देर तक स्ट्रैचर के लिए इंतजार किया लेकिन न तो एम्बुलेंस मिली आैर नही स्ट्रैचर मिला। बच्चे की हालत कहीं ज्यादा खराब न हो जाए। इस लिए उसे भर्ती कराने के लिए गोद में लेकर जाने का निर्णय लिया।












