21 June: साल का सबसे लंबा दिन और योग दिवस; जानिए आज क्यों गायब हो जाएगी आपकी परछाई!

0
133

आज ‘नो शैडो मोमेंट’: कुछ पल के लिए गायब हो जाएगी आपकी परछाई!

​लखनऊ: आज 21 जून है। यह तारीख खगोलीय (Astronomical) और आध्यात्मिक, दोनों ही लिहाज से दुनिया भर के लिए बेहद खास है। आज के दिन को ‘ग्रीष्म संक्रांति’ (Summer Solstice) कहा जाता है। उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में आज साल का सबसे बड़ा दिन है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में आज सबसे छोटी रात होगी।

​लखनऊ के अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र के ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल ने इस दिन के पीछे के वैज्ञानिक और ज्योतिषीय महत्व को विस्तार से साझा किया है।
​💡 14 घंटे का दिन, 30% ज्यादा मिलेगी सौर ऊर्जा
​ज्योतिषाचार्य नागपाल ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर बिल्कुल सीधी नहीं है, बल्कि वह 23.5^\circ (साढ़े 23 डिग्री) के अक्षांश पर झुककर सूर्य के चक्कर लगा रही है। इस झुकाव के कारण साल में अलग-अलग समय पर पृथ्वी का उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध सूर्य के सामने आता है।
​सूरज के सामने उत्तरी गोलार्ध: जून के महीने में उत्तरी गोलार्ध पूरी तरह सूर्य के सम्मुख होता है।
​अधिक ऊर्जा: आज के दिन सूर्य से पृथ्वी के कई हिस्सों को मिलने वाली ऊर्जा आम दिनों के मुकाबले 30 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाती है।

​दिन की अवधि: आज दिन 12 घंटे का नहीं, बल्कि पूरे 14 घंटे का होगा।
​आज का सन टाइमिंग (लखनऊ):
​सूर्योदय: सुबह 05:13 बजे
​सूर्यास्त: शाम 07:03 बजे
​👥 आज ‘नो शैडो मोमेंट’: कुछ पल के लिए गायब हो जाएगी आपकी परछाई!
​21 जून की दोपहर में एक अद्भुत खगोलीय घटना भी देखने को मिलती है। जब सूर्य ठीक हमारे सिर के ऊपर (Zenith) होता है, तब कुछ पलों के लिए एक ऐसा वक्त आता है जब इंसान या किसी भी वस्तु की परछाई दिखाई देना बंद हो जाती है। इसे साइंस की भाषा में ‘जीरो शैडो डे’ भी कहा जाता है।

​🧘‍♂️ सूर्य की ऊर्जा और ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ का खास कनेक्शन
​21 जून को ही पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) भी मनाया जाता है। इसके पीछे एक गहरा विज्ञान छिपा है:
​सकारात्मक ऊर्जा की जरूरत: योग हमारी आंतरिक शक्ति को जगाने और शरीर को निरोगी रखने की क्रिया है, जिसके लिए भारी मात्रा में सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
​सूरज है ऊर्जा का महास्त्रोत: पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा और मुख्य स्रोत सूर्य है। चूंकि 21 जून को सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक मौजूद रहता है, इसलिए इस ऊर्जावान दिन को योग दिवस के रूप में चुना गया।

​📉 कल से घटने लगेगी दिन की अवधि
​प्रकृति के नियम के अनुसार, पृथ्वी की निरंतर चाल की वजह से 21 जून के बाद से दिन की अवधि धीरे-धीरे घटने लगेगी। यानी कल से दिन छोटे और रातें लंबी होनी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद 21 सितंबर वह तारीख होगी, जब दिन और रात की अवधि बिल्कुल बराबर (12-12 घंटे) हो जाएगी।

Previous articleआयुष्मान कार्डधारकों को राहत: अब लखनऊ की दौड़ नहीं, जिले में ही होगा समस्याओं का समाधान
Next articleयोग से स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here