लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के सर्जरी विभाग में बीती रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के पास लगे एक स्विच बोर्ड में शॉर्ट सर्किट होने से यह हादसा हुआ।
धुएं से भरने, मचा हड़कंप
स्विच बोर्ड में आग लगते ही देखते ही देखते घना धुआं तेजी से ऊपर की ओर उठने लगा और पीडियाट्रिक सर्जरी वार्ड में भरने लगा। उस वक्त वार्ड में कई मासूम बच्चे भर्ती थे। वार्ड में धुआं भरता देख और आग की खबर मिलते ही तीमारदारों, डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
50 बच्चों का रेस्क्यू, ICU भी कराया गया खाली
घटना की सूचना मिलते ही केजीएमयू प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी व प्रवक्ता डॉ. केके सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बिजली सप्लाई बंद होने के कारण पूरे वार्ड में अंधेरा छा गया था, जिससे बच्चों को निकालने में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भारी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के लिहाज से डॉक्टरों और स्टाफ ने अभिभावकों की मदद से लगभग 50 बच्चों को तत्काल दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। इसके अलावा आईसीयू (ICU) में भर्ती बच्चों को भी एहतियातन सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
तीमारदारों का आरोप: न बजा अलार्म, न चले सेफ्टी उपकरण
घटना के बाद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। तीमारदारों का आरोप है कि आग लगने के बाद न तो कोई फायर अलार्म बजा और न ही वहां लगे फायर सेफ्टी उपकरण काम कर पाए। परिजनों का कहना है कि वे उस वक्त सो रहे थे और धुआं भरने के बाद ही उन्हें घटना का पता चला। अगर समय पर अलार्म बज जाता, तो वे पहले ही सतर्क हो जाते।
प्रशासन की सफाई: सभी बच्चे सुरक्षित, स्थिति नियंत्रण में
मामले पर केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि स्विच बोर्ड में लगी आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया गया था। धुंआ भरने की वजह से सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
वहीं पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जे.डी. रावत ने राहत की सांस लेते हुए पुष्टि की कि सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।











