सूतक काल मान्य नहीं; जानें आपकी राशि पर प्रभाव
लखनऊ। श्रावण (हरियाली) अमावस्या के पावन अवसर पर बुधवार, 12 अगस्त को वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज के ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल के अनुसार, यह खग्रास सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा।
भारतीय समयानुसार ग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा:
ग्रहण का प्रारंभ: 12 अगस्त, रात 09:04 बजे
ग्रहण का मध्य (चरम): 12 अगस्त, रात 11:16 बजे
ग्रहण की समाप्ति: 13 अगस्त, देर रात 01:28 बजे
भारत में स्थिति और सूतक काल
भारत में उस समय रात्रि होने के कारण यह सूर्य ग्रहण दृश्यमान नहीं होगा। इसी वजह से देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक या मांगलिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
कहाँ-कहाँ दिखेगा ग्रहण?
वलयाकार रूप: यूरोपीय देशों, कनाडा और रूस के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में।
खग्रास रूप: ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक, उत्तरी स्पेन तथा पुर्तगाल।
खंडग्रास (आंशिक) रूप: फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोप के अधिकांश हिस्सों में।
सभी 12 राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव
भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान न हो, लेकिन सूर्य देव (ऊर्जा, आत्मा व मान-सम्मान के कारक) पर लगने वाले इस ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा:
मेष: रिश्तों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है; आपसी तालमेल बनाए रखें।
वृषभ: आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें; अनावश्यक खर्चों से बचें।
मिथुन: प्रेम जीवन में परीक्षाएं आ सकती हैं; धैर्य से काम लें।
कर्क: ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है, इसलिए सबसे अधिक प्रभाव रहेगा। मानसिक तनाव और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
सिंह: अपने क्रोध, वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखें।
कन्या: नए अवसर और लाभ के योग हैं। व्यापार में नई रणनीति सफल होगी।
तुला: निर्णय लेने में असमंजस और मानसिक भ्रम की स्थिति बन सकती है।
वृश्चिक: करियर और जीवन में नई संभावनाएं व अवसर प्राप्त होंगे।
धनु: धन से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखें। शेयर बाजार या सट्टेबाजी में बिना जानकारी के निवेश से बचें।
मकर: करियर और नौकरी में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
कुंभ: मानसिक अस्थिरता और भ्रम से बचें; ध्यान लगाएं।
मीन: आत्ममंथन का समय है; किसी भी तरह के भावनात्मक निर्णय लेने से बचें।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचाव, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु या सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें।
विशेष मंत्र: “ॐ नमो भगवते सूर्याय आदित्याय नमः” का यथासंभव जप करना फलदायी रहेगा।











