लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के बाहर व ट्रामा सेंटर के बाहर खड़ी निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस, फुटपाथ पर सजी दुकानों से खून के सौदागरों का कनेक्शन का जुड़ा हुआ है। इस बात का खुलासा कई बार केजीएमयू का ब्लड बैंक में पकड़े गये तीमारदार कर चुके है। पकड़े गये तीमारदारों ने इस बात को माना है कि फ ुटपाथ की दुकान व एम्बुलेंस में ही निजी अस्पताल भेजने से लेकर ब्लड का सौदा तय किया जाता है आैर एक बार सौदा तय होने पर कैंसिल करने पर तीमारदार को धमकी भी दी जाती है।
केजीएमयू के वार्डो में ब्लड के सौदागर सक्रिय है। यह सब अलग- अलग विभागों में तीमारदारों पर नजर रखते है आैर ब्लड बैंक पहुंचने से पहले ही तीमारदार को ब्लड यूनिट मौके पर ही लाकर देने का वादा करते है। अक्सर तीमारदार ब्लड डोनर बना कर ब्लड बैंक ले जाता है जहां पर आई स्कैन व थम्ब प्रिंट में दलाल पकड़े जाते है तो उनका ब्लड नहीं लिया जाता है। इसके बाद भी वह उन्हें ब्लड लाकर देने का वादा करते है। अगर ब्लड बैंक प्रभारी डा. तूलिका चंद्रा ने बताया कि ब्लड बैंक में शक के आधार व मिलान न होने पर डोनर का ब्लड नहीं लिया जाता है।
कई बार शक के आधार पर पक ड़े जाने पर तीमारदारों ने परिसर के बाहर ही फुटपाथी दुकानों के पास दलाल से सौदा होने की बात कबूली है। यह लोग पकड़े जाने पर धमकी भी देते है। इस पर पुलिस की मदद लेनी पड़ती है। सूत्रों की माने तो ट्रामा सेंटर के आस-पास दुकानों व खड़ी एम्बुलेंस के आस-पास दलाल सक्रिं य होते है।












