केजीएमयू प्रशासन जल्द लागू करेगा नई नीति
लखनऊ। kgmu ट्रॉमा सेंटर में अब मरीजों की भर्ती रेफरल पेपर के आधार पर की जाएगी। बिना रेफरल के सीधे भर्ती पर रोक लगाने की तैयारी है। प्रशासन ट्रॉमा सेंटर में बढ़ते मरीजों के दबाव को कम करने के लिए नई रेफरल नीति लागू करने जा रहा है। यह व्यवस्था स्टेमी कार्यक्रम की तर्ज पर तैयार की जाएगी।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में कुल 400 बेड हैं, लेकिन यहां प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि 100 से ज्यादा मरीज रोज भर्ती किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जिससे संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
जिला अस्पतालों में संभव इलाज वाले मरीज भी पहुंच रहे
प्रशासन का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहे हैं, जिनका इलाज जिला अस्पतालों या स्थानीय मेडिकल कॉलेजों में आसानी से हो सकता है। इससे गंभीर मरीजों को तत्काल बेड और सुविधाएं उपलब्ध कराने में दिक्कत आती है।
अधिकारियों के साथ होगी बैठक
नई नीति लागू करने के लिए केजीएमयू प्रशासन जल्द ही जिला अस्पतालों के प्रभारियों और मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक करेगा। इसमें मरीज रेफरल, ऑन-कॉल परामर्श और बेड उपलब्धता के आधार पर भर्ती की व्यवस्था तय की जाएगी।
गंभीर मरीजों को मिलेगा फायदा
ट्रॉमा प्रभारी डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि रेफरल नीति लागू होने से गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा। वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड और अन्य जरूरी सुविधाएं जरूरतमंद मरीजों के लिए उपलब्ध रह सकेंगी।
मुख्य बातें
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती के लिए रेफरल पेपर जरूरी होगा
400 बेड के मुकाबले रोज 250+ मरीज पहुंच रहे
100 से ज्यादा मरीज रोज भर्ती हो रहे
जिला अस्पतालों से समन्वय कर लागू होगी नई व्यवस्था
गंभीर मरीजों को बेड और सुविधाएं आसानी से मिलेंगी












