लखनऊ। बीकेटी इलाके में दुराचार के आरोपी को गिर तार कर लौट रहे पुलिस कर्मियों की आखों में परिजनों मिर्ची पाउडर फेंक दिया। आरोपियों ने पुलिस कर्मियों की लाठी, डंडे से जमकर पिटाई कर दी। मौके का फायदा उठाते हुए दुराचार का आरोपी भाग निकला। लखनऊ। दुराचारी को पुलिस अभिरक्षा से छुड़ाने के आरोप में परिजनों के खिलाफ हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा समेत करीब आधा दर्जन से अधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो 6 महिलाओं को हिरासत में लिया है, इनमें से 3 की ही गिर तारी पुलिस ने दिखाई है। हमले के दौरान एक दरोगा और सिपाही बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी बीकेटी उदयवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी बीकेटी ने बताया कि मंगलवार देर रात पुलिस टीम किशोरी के साथ दुराचार के आरोप में नामजद अस्ती निवासी आशीष की गिर तारी के लिए आरोपी के घर में दबिश देने पहुंची थी। पुलिस टीम का नेतृव करते हुए एसआई नेपाल सिंह के साथ हमराही महिला आरक्षी पूजा, सोनल, आशा सिंह, रीतू व पुरूष कांस्टेबल गिरीश तिवारी, अरविंद सिंह और जीप चालक संदीप थे। आरोपी के घर जाने के दौरान पुलिस टीम ने गस्त पर गए उप निरीक्षक नृपेंद्र प्रताप सिंह और कांस्टेबल कुदरत उल्लाह को भी साथ में लिया था। नृपेंद्र और कुदरत जैसे ही दरवाजे के रास्ते आरोपी के आंगन में पहुंचे और आरोपी को मौके से ही गिर तार कर लिया।
पुलिस टीम आरोपी गिर तार कर घर से निकलने लगी। उसी समय घर में मौजूद अन्य सदस्यों ने उप निरीक्षक और आरक्षी की आंख में मिर्च पाउडर डाल दिया। मिर्च लगते ही पुलिस कर्मी तिलमिला उठे। इस पर आरोपी के महिला और पुरूष परिजनों ने पुलिस कर्मियों की डंडे और लाठी से जानलेवा हमला करते हुए जमकर पिटाई कर दी। इस दौराना मौके का फायदा उठाते हुए आरोपी आशीष पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। विरोध करने पर आरोपी परिजनों ने पुलिस की टीम पर मामूली रूप से पथराव कर दिया। मारपीट में दोनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस दौरान पुलिस टीम पहले तो भाग खड़ी हुई लेकिन बाद में काफी बवाल के बाद पुलिस ने घर में मौजूद सावित्री पत्नी रामशरण, रूबी और कमला पुत्री चोखे को गिर तार किया है। पुलिस ने मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन करने के आरोप और पुलिस टीम पर हमला करने के बाद सभी के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं 147, 148, 149, 307, 353, 332, 333, 326, 336, 186, 224, 225 व 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
हमलावर महिला भी है नामजद –
दुराचारी के आरोप में फंसे आशीष को बचाने के लिए उसके पिता रामशरण, मां सावित्री और बहन रूबी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। थाना प्रभारी बीकेटी ने बताया कि आरोपी के बचाव में स्थानीय महिला कमला भी आई थी। उन्होंने बताया कि पीडिघ्त किशोरी ने अपने बयान में कमला का भी नाम कबूला था। आरोपित कमला भी मामले में नामजद है।












