Advertisement
Home Medical News शासनादेश न होने से भड़का आक्रोश: 7 नवंबर छोटी दीपावली को प्रदेशभर...

शासनादेश न होने से भड़का आक्रोश: 7 नवंबर छोटी दीपावली को प्रदेशभर में ‘काला दिवस’ मनाएगा नर्सेस संघ

0
210

आक्रोशित नर्सिंग कर्मचारी जलाएंगे सहमति पत्रों की प्रतियां

26 दिन भी जारी रहा नर्सो का कार्य बहिष्कार

​लखनऊ। प्रदेश में नर्सिंग कर्मचारियों और शासन के बीच चल रहा गतिरोध अब और गहराता जा रहा है। अपनी 13 सूत्रीय लंबित मांगों के निस्तारण में हो रही देरी और शासन स्तर पर सहमति बनने के बावजूद शासनादेश (GO) जारी न होने के विरोध में राजकीय नर्सेस संघ, प्रदेश ने आगामी 7 नवंबर यानी छोटी दीपावली को पूरे प्रदेश में ‘काला दिवस’ मनाने का बड़ा ऐलान किया है।

प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नर्सेस का चरणबद्ध आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को लगातार 26वें दिन भी नर्सिंग स्टाफ ने 2 घंटे का कार्य बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन के कारण अस्पतालों की ओपीडी और सामान्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे मरीजों को भी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।

​सहमति के एक साल बाद भी आदेश अधर में
राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि संघ द्वारा 26 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र के क्रम में शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी। इस वार्ता में नर्सिंग संवर्ग की 13 सूत्रीय मांगों में से 5 प्रमुख मांगों पर शासन ने सहमति जताई थी। लेकिन अफसोस की बात यह है कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इनसे संबंधित शासनादेश जारी नहीं किए गए।
​महामंत्री ने कहा कि 9 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन चल रहा है। 21 अक्टूबर को 2 घंटे का कार्य बहिष्कार और 22 अक्टूबर को लखनऊ स्थित स्वास्थ्य भवन महानिदेशालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन व घेराव किया गया था।

तब महानिदेशक ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस आदेश निर्गत नहीं हुआ।
​संघ की 5 प्रमुख मांगें जिस पर बनी थी सहमति:
​गृह जनपद स्थानांतरण: नर्सिंग संवर्ग को गृह जनपद में तैनाती और तबादले की सुविधा मिले।
​पदोन्नति (प्रमोशन): निदेशालय से लेकर अस्पताल स्तर तक उच्च पदों पर प्रोमोशन दिए जाएं।
​पालनाघर (क्रेच): महिला नर्सेस के बच्चों के लिए अस्पतालों में पालनाघर की व्यवस्था हो।
​अध्ययन अवकाश: उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सवैतनिक स्टडी लीव की सुविधा मिले।
​हितों का संरक्षण: जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने पर वहां कार्यरत नर्सेस के हितों की रक्षा और उचित तैनाती हो।

​सात नवंबर को उग्र होगा प्रदर्शन, जलाएंगे प्रतियां
संघ ने चेतावनी दी है कि 7 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों, सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नर्सेस काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और ‘काला दिवस’ मनाएंगे। इस दौरान शासन द्वारा दी गई सहमति पत्रों की प्रतियां जलाकर विरोध जताया जाएगा। साथ ही 2 घंटे का दैनिक कार्य बहिष्कार भी जारी रहेगा।

​संघ ने उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक और शासन के उच्चाधिकारियों से तुरंत हस्तक्षेप कर शासनादेश जारी करने की मांग की है। नर्सेस संघ ने साफ किया है कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक एवं निर्णायक रूप दिया जाएगा।

Previous articleयोगी सरकार का एक्शन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं का होगा समयबद्ध समाधान*

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here