Advertisement
Home Medical News SGPGI : अंग प्रत्यारोपण में एक्सपर्ट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण

SGPGI : अंग प्रत्यारोपण में एक्सपर्ट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण

0
23

एसजीपीजीआई में आयोजित हुआ पहला ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया सम्मेलन

अंग प्रत्यारोपण में विशेषज्ञों की भूमिका पर चर्चा

​लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग की ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया यूनिट द्वारा हाल ही में प्रो. सोमा कौशिक ऑडिटोरियम में “Solid Organ Transplantation: Current Advances in Patient Care” विषय पर राष्ट्रीय सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (CME) एवं प्रथम SGPGI ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया मीट (STAM) का भव्य आयोजन किया गया। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) द्वारा प्रायोजित इस सम्मेलन का आयोजन इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (ISA), उत्तर प्रदेश चैप्टर के सहयोग से किया गया।

​अंग प्रत्यारोपण में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की अहम भूमिका
​पर वक्ताओं ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण की सफलता केवल सर्जरी पर नहीं, बल्कि सर्जरी से पहले, दौरान और बाद की विशेषज्ञ चिकित्सा देखभाल पर निर्भर करती है। इस पूरी प्रक्रिया में एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, जो गंभीर मरीजों को तैयार करने से लेकर ऑपरेशन के दौरान हृदय गति, ब्लड प्रेशर और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में अहम योगदान देते हैं।

​हालांकि, देश में अंग प्रत्यारोपण का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुरूप प्रशिक्षित ट्रांसप्लांट एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की भारी कमी है। वर्तमान में देश में DM ऑर्गन ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया की केवल पांच सीटें ही उपलब्ध हैं, जबकि एसजीपीजीआई में दो वर्षीय फेलोशिप के तहत चार सीटें हैं।

​देश भर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
​आयोजन सचिव डॉ. दिव्या श्रीवास्तव ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश भर के चिकित्सकों को एक मंच पर लाकर जटिल मामलों के अनुभव साझा करना और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों को अपनाना है। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से 15 से अधिक विशेषज्ञ वक्ताओं ने हिस्सा लिया और लगभग 60 चिकित्सकों ने सहभागिता की।
​एसजीपीजीआई केवल अपने संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि AIIMS (जोधपुर, भटिंडा, रायपुर), KGMU लखनऊ और SN मेडिकल कॉलेज आगरा जैसे संस्थानों को किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम शुरू करने में तकनीकी और शैक्षणिक सहयोग भी प्रदान कर रहा है।

​एसजीपीजीआई निदेशक का संदेश और भविष्य की योजनाएं
​संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर. के. धीमन ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि एसजीपीजीआई अपने अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान ने लिविंग और डीसीज्ड डोनर (मृत्योपरांत अंगदान) के माध्यम से लिवर-किडनी प्रत्यारोपण के साथ उत्तर प्रदेश का पहला सफल हार्ट ट्रांसप्लांट भी किया है।
​उन्होंने घोषणा की कि देश में इस क्षेत्र के प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए SGPGIMS में ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन एवं क्रिटिकल केयर में DM पाठ्यक्रम जल्द प्रारंभ किया जाएगा।

​गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
​उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. राजेंद्र प्रसाद (NAMS, यूपी कन्वीनर), SGPGIMS के कार्यवाहक निदेशक प्रो. शालीन कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस सफल आयोजन की कमान आयोजन अध्यक्ष डॉ. संजय धीरज व डॉ. संदीप साहू, आयोजन सचिव डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, सह-आयोजन सचिव डॉ. तापस कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष डॉ. तन्वी भार्गव ने संभाली।

Previous articleKGMU धर्मांतरण नेटवर्क: STF रिपोर्ट में कई डॉक्टरों और कर्मियों के नाम का खुलासा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here