Advertisement
Home Uttar Pradesh योगी सरकार का एक्शन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं का...

योगी सरकार का एक्शन मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं का होगा समयबद्ध समाधान*

0
11

*लागू हुई तीन-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही होगी सुनिश्चित*

*हर मेडिकल कॉलेज में नामित होंगे स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर, शिकायत पेटिका के जरिए विद्यार्थी रख सकेंगे अपनी बात*

*नोडल अधिकारी से लेकर प्रधानाचार्य और डीजीएमई कार्यालय तक शिकायत पहुंचाने की व्यवस्था*

*लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ विद्यार्थियों के हितों और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश के राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षित, सकारात्मक, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण विकसित करना है।

महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण नेहा शर्मा की पहल पर शुरू किए गए स्टूडेंट ग्रीवांस एंड वेलफेयर इनिशिएटिव के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर नामित किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की शिकायतों, सुझावों और समस्याओं को सुनने तथा उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित की जाएगी।

*हर मेडिकल कॉलेज में बनेगा शिकायत दर्ज कराने का मंच*

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के टीचिंग/एकेडमिक कैंपस में स्टूडेंट ग्रीवांस/वॉयस बॉक्स स्थापित किया जाएगा। विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक, हॉस्टल, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा और अन्य छात्र कल्याण से संबंधित समस्याएं लिखित रूप में इस पेटिका के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे।

नामित नोडल अधिकारी प्रतिदिन शिकायत पेटिका खोलेंगे। प्राप्त शिकायतों को निर्धारित रजिस्टर में दर्ज कर संबंधित विभागों के माध्यम से उनके निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इससे विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सीधे संस्थान के संज्ञान में लाने का एक व्यवस्थित और सुलभ माध्यम मिलेगा।

*तीन स्तरों पर होगा शिकायतों का समाधान*

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शिकायतों के निस्तारण के लिए तीन स्तरों वाली व्यवस्था निर्धारित की है। पहले स्तर पर स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर शिकायत प्राप्त कर उसके समाधान की प्रक्रिया शुरू करेंगे। यदि निर्धारित स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है तो विद्यार्थी अपनी शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे।

दूसरे स्तर पर भी समाधान नहीं मिलने की स्थिति में विद्यार्थी महानिदेशालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई ऑफिस) के स्टूडेंट सेल में अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस प्रकार कॉलेज स्तर से लेकर महानिदेशालय तक शिकायतों के समाधान और निगरानी का तंत्र विकसित किया गया है।

योगी सरकार की इस पहल से मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थागत स्तर पर सुनने और उनके समाधान की जवाबदेह व्यवस्था तैयार होगी। शिकायतों का रिकॉर्ड रखने, नियमित समीक्षा और फीडबैक की प्रक्रिया से व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट माध्यम और निर्धारित प्रशासनिक स्तर उपलब्ध होंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है।

Previous articleSGPGI: 20 वर्षीय युवक के दोनों कूल्हों का एक साथ सफल ‘डायरेक्ट एंटीरियर’ हिप रिप्लेसमेंट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here