प्रदर्शन में लिखित समझौते की प्रतियां जलाकर मनाया जाएगा ब्लैक डे
लखनऊ। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले नर्सिंग संवर्ग ने अपनी लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। पिछले 29 दिनों से लगातार शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने अब सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए छोटी दीपावली यानी शनिवार को ब्लैक डे (काला दिवस) जाएगा। इस दौरान नर्सिंग कर्मियों द शासन स्तर पर पूर्व में हुए लिखित समझौतों की प्रतियां जलाकर ‘काला दिवस’ मनाया जाएगा।
29 दिनों से जारी है संघर्ष, प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, नर्सिंग संवर्ग लंबे समय से अपनी विभिन्न जायज मांगों और समस्याओं के समाधान की गुहार लगा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में अपनी अहम भूमिका निभाने के बावजूद नर्सेस की सुध नहीं ली जा रही है। यही कारण है कि अपनी मांगों के समर्थन में स्वास्थ्यकर्मी पिछले 29 दिनों से लगातार आंदोलनरत हैं।
शासन और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकृष्ट करने के लिए यह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध का रास्ता चुना गया है। आयोजकों का कहना है कि सरकार के साथ पूर्व में जो लिखित समझौते हुए थे, उन पर अब तक अमल नहीं किया गया है, जिसके कारण विवश होकर उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है।
संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया कि
नर्सों का यह आक्रोश इस बात का संकेत है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 7 नवंबर को होने वाले इस विरोध प्रदर्शन के बाद शासन स्तर पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।












