62 जिलों में ब्लड बैंकों की जांच से मचा हड़कंप
लखनऊ। प्रदेश में मरीजों को सुरक्षित रक्त और ब्लड कंपोनेंट्स उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने चैरिटेबल ब्लड सेंटरों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत 62 जिलों के 158 ब्लड सेंटरों के औचक निरीक्षण में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आने के बाद 10 और केंद्रों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। इसके साथ ही कार्रवाई की जद में आए कुल चैरिटेबल ब्लड सेंटरों की संख्या अब 24 हो गई है।
बिना जांच रक्त सप्लाई और दूषित प्लाज्मा जैसी गंभीर लापरवाही
अंतरजनपदीय औषधि निरीक्षक टीमों की पड़ताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले चौंकाने वाले मामले उजागर हुए हैं। जांच में सामने आया कि कई केंद्रों पर एचआईवी, एचसीवी और एचबीएसएजी (HBsAg) जैसी खतरनाक बीमारियों के लिए अनिवार्य ELISA टेस्ट किए बिना ही ब्लड यूनिट जारी की जा रही थीं।
शाहजहांपुर के गोमती ब्लड सेंटर में टेस्ट किट न होने के बावजूद 167 यूनिट रक्त बिना ELISA जांच बांट दिया गया, जबकि अयोध्या के श्री जी ब्लड सेंटर में 23 यूनिट बिना जांच जारी हुईं। इसके अलावा, कई जगहों पर फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) पाई गईं, डीप फ्रीजर बंद मिले, और एक्सपायर्ड दवाइयों का प्रयोग होता पकड़ा गया।
असिस्टेंट स्टाफ के भरोसे केंद्र, नियमों की अनदेखी
निरीक्षण के दौरान गौतमबुद्ध नगर के सुरजपुर, कासगंज के एटा और आगरा के ग्रामीण भारत ब्लड सेंटर समेत कई स्थानों पर लाइसेंस प्राप्त मेडिकल ऑफिसर और तकनीकी स्टाफ गायब मिले। एटा में एफएफपी के 67 यूनिट का स्टॉक गायब मिला, वहीं कई केंद्रों पर बायोमेडिकल वेस्ट नियमों की अनदेखी, उपकरण बंद मिलने और तय दरों से अधिक वसूली की शिकायतें सही पाई गईं।
14 केंद्रों पर पहले ही लग चुका है ताला
इससे पहले FSDA आगरा के जय हिंद, मुरादाबाद के पाकवारा, गोरखपुर के मन्या, लखनऊ के KHS और रामा समेत 14 सेंटरों को बंद करा चुका है। इन केंद्रों पर रैपिड किट से फर्जी जांच और कंपोनेंट रूम में फफूंद जैसी गंभीर कमियां मिली थीं।
सभी डीएम को एडवाइजरी, शेष सेंटरों को नोटिस
FSDA ने निरीक्षण में खामियां पाने वाले अन्य सभी सेंटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिन 24 ब्लड सेंटरों पर रोक लगाई गई है, वहां मौजूद रक्त और कंपोनेंट्स के सुरक्षित निस्तारण के लिए सभी जिलाधिकारियों (DM) को एडवाइजरी भेजी गई है। विभाग ने साफ किया है कि डेंगू और मलेरिया के सीजन में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी केंद्र को बख्शा नहीं जाएगा।












