लखनऊ। दिवाली के पावन पर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर में स्थायी बरकत बनाए रखने के
लिए कई प्रकार की प्राचीन परंपराएं निभाई जाती हैं। ऐसी ही एक बेहद असरदार परंपरा है ‘धन पोटली’ तैयार करने की। मान्यता है कि इसे विधि-विधान से पूजा में रखने से कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
क्या है धन पोटली का महत्व?
दिवाली की शाम जब आप मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर रहे हों, तो पूजा स्थल पर अन्य पूजन सामग्री के साथ धन पोटली भी जरूर रखें। पूजा के दौरान मां लक्ष्मी से घर में सुख, शांति, समृद्धि और बरकत बनाए रखने की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के बाद इस पोटली को घर की तिजोरी या धन रखने वाले सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता है, जिससे माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
धन पोटली में क्या-क्या सामग्री रखें?
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र, अलीगंज के अनुसार, एक साफ लाल रंग का कपड़ा लें और उसमें निम्नलिखित पवित्र चीजें एक-साथ रखें:
चांदी का सिक्का
5 गोमती चक्र
5 इलायची
5 लौंग
5 पीली कौड़ी
1 सुपारी
अक्षत (चावल के साबुत दाने)
कुमकुम
थोड़ी सी पीली सरसों
5 साबुत कमल गट्टा
साबुत धनिया
कलावा (रक्षा सूत्र)
कैसे करें स्थापित?
इन सभी सामग्रियों को लाल कपड़े में रखकर उसकी पोटली बना लें। दिवाली की पूजा के समय मां लक्ष्मी के पवित्र मंत्रों का जाप करते हुए इस पोटली की भी पूजा करें। पूजा संपन्न होने के बाद इसे अपने घर के धन स्थान या तिजोरी में रख दें।












