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काशी से अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम तक धार्मिक स्थलों का हो रहा कायाकल्प: मुख्यमंत्री

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*रामराज्य का अर्थ बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचना, नौजवान को नौकरी, किसान को सम्मान निधि और बेटी-व्यापारी को सुरक्षा ही सुशासन: मुख्यमंत्री*

पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रज्ज्वलित होने वाला एक-एक दीप पूरे उत्तर प्रदेश की समृद्धि और विकास का कारण बनता है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को जनपद पीलीभीत के निरानपुर गांव में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की, विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का वाचन पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में हुआ था। इतने लंबे समय बाद भी देश और दुनिया में जहां कहीं सनातन धर्मावलंबी रहते हैं। श्रीराम कथा के आयोजन के पीछे भी हजारों वर्षों की परंपरा है। शारदीय नवरात्र के बाद गांव-गांव में रामलीलाओं का आयोजन होता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने गुलामी के कालखंड में जिस रामलीला परंपरा को आगे बढ़ाया, वह आज भी उसी उत्साह से जारी है। गांव के कलाकार इसमें भागीदारी करते हैं। पंडित राधेश्याम रामायणी के रामलीला संवादों ने इस परंपरा को नई ऊंचाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों तक रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए आस्था बिना रुके, बिना डिगे और बिना पीछे हटे संघर्ष करती रही। अंततः जब पूरा भारत एक स्वर में खड़ा हुआ तो अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। उन्होंने दो नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और सैकड़ों रामभक्त घायल हुए थे। उस समय अयोध्या में जय श्रीराम बोलने और रामभक्तों के आने तक पर प्रतिबंध था। बुनियादी सुविधाओं का अभाव था।

उन्होंने कहा कि कल अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों की बैठक के लिए जाने के दौरान उन्होंने वहां का बदला हुआ स्वरूप देखा। प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं पिछली सरकारों ने जहां समस्याएं दीं, वहीं रामभक्तों की सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि पहले रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलती थीं, आज उन पर पुष्पवर्षा होती है। पहले सवाल था कि रामलला टेंट से कब निकलेंगे, आज भव्य मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध काशी विश्वनाथ धाम में पहले जहां दस श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर पाते थे, आज वहां 50 हजार श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं। मथुरा-वृंदावन सज-संवर रहा है। मां विंध्यवासिनी धाम में सुविधाओं का विस्तार हुआ है। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और बरेली फिर से नाथ नगर

इस अवसर पर शक्तिपीठ देवीपाटन के महंत मिथिलेश महाराज, श्री हनुमान गढ़ी मंदिर अयोध्या धाम से विराजमान महंत राजूदास, मंत्री और प्रभारी मंत्री पीलीभीत सरदार बलदेव सिंह औलख, मंत्री संजय गंगवार, आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य डॉक्टर सुधीर गुप्ता, सहसंयोजक संजीव प्रताप, जिला पंचायत प्रशासक पीलीभीत दलजीत कौर, पूज्य संत जन और भक्तजन उपस्थित रहे।

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