kgmu: यूरोलॉजी में महिला मरीज ने डॉक्टर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप , जांच शुरू

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग में डाक्टर  पर महिला मरीज  से छेड़छाड़ का आरोप लगा  है। महिला का आरोप है कि अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान डॉक्टर ने छोड़छाड़ की हरकत की है। महिला मरीज के   आपत्ति करने पर डॉक्टर ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। रोते-बिलखते पीड़ित महिला ने विभाग प्रमुख से शिकायत की है। शिकायत के बाद विभाग प्रमुख ने मामले की जांच कराने का दावा किया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

लखनऊ निवासी 37 वर्षीय महिला को यूरोलॉजी से  जुड़े परेशानी हुई। इलाज के लिए महिला यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में पहुंची। यहां डॉक्टरों ने बीमारी  लक्षणों के आधार पर जांच व दवाएं लिखी। किडनी, यूरेटर और ब्लैडर (केयूबी) अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराने के लिए यूरोलॉजी विभाग पहुंची। यहां अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराने का नम्बर आया। उन्हें जांच के लिए बिस्तर पर लेटने के लिए कहा गया। महिला ने डॉक्टर से कहा कि यहां कोई महिला स्टाफ नहीं है। तो डॉक्टर ने कहा कि यहां हम लोग ही जांच करते हैं। डॉक्टर ने जल्दी लेटने की बात कहते हुए, डॉक्टर ने जांच शुरू की। महिला मरीज का आरोप है कि डॉक्टर ने जांच के बहाने छेड़छाड़ शुरू कर दी। मरीज चीखते-चिल्लाते हुए बाहर निकली। महिला ने जब शिकायत करने की बात कहने पर डॉक्टर ने कहा कि जहां शिकायत करनी है कर दो।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पीड़ित महिला ने यूरोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. अपुल गोयल को लिखित शिकायत की है। डॉ. अपुल गोयल का कहना है कि पीड़िता के आरोपों की जांच की जा रही है। प्रॉक्टर कार्यालय को भी घटना की जानकारी दे दी है। अल्ट्रासाउंड यूनिट के आरोपी डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों के भी बयान लिए जाएंगे।

 

 

 

 

 

 

 

यूरोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड जांच आयुष का डॉक्टर कर रहा है। करीब 10 साल से आयुष डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं। जबकि रिपोर्ट पर दस्तखत रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ रेडियोलॉजी विभाग में नियमित व रेजिडेंट डॉक्टरों की लंबी चौड़ी फौज है। इसके बावजूद आयुष विधा के डॉक्टर से जांच कराई जा रही है। ऐसे में विभाग में अल्ट्रासाउंड जांच की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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