kgmu : डॉक्टरों ने दी 45 वर्षीय महिला को नई जिंदगी, आयुष्मान योजना बनी जीवनदायिनी

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​लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में डॉक्टरों की टीम ने एक 45 वर्षीय महिला के दिमाग की पिकॉम आर्टरी (PCOM Artery) में फटे एन्यूरिज्म का सफल इलाज कर उसे नवजीवन दिया है। ब्रेन हैमरेज के इस बेहद गंभीर मामले में ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना’ महिला के लिए संबल बनी, जिससे समय पर और निःशुल्क इलाज संभव हो सका।

​आपात स्थिति में लिया गया एंडोवास्कुलर सर्जरी का फैसला
मरीज को अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत के बाद गंभीर हालत में केजीएमयू लाया गया था। जांच के दौरान पता चला कि महिला के दिमाग के दाहिने हिस्से की पिकॉम आर्टरी में एन्यूरिज्म फट गया है। स्थिति की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के डॉक्टरों ने बिना देरी किए एंडोवास्कुलर तकनीक से इलाज करने का निर्णय लिया।

​रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग का संयुक्त प्रयास
रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. मनोज कुमार और डॉ. सौरभ कुमार ने एनेस्थीसिया टीम के साथ तालमेल बिठाकर बैलून की सहायता से इस जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद, मरीज का आयुष्मान कार्ड धारक होना उसके लिए वरदान साबित हुआ। योजना के तहत इलाज में लगने वाले सभी महंगे चिकित्सकीय उपकरणों की व्यवस्था तत्काल की गई।

​मरीज पूर्णतः स्वस्थ, पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई
17 सितंबर, 2026 को मरीज को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर (एक्सटुबेट) से हटा लिया गया। अब महिला पूरी तरह स्वस्थ है। अपनी जान बचने पर मरीज ने केजीएमयू की मेडिकल टीम का आभार जताया। साथ ही, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयुष्मान भारत योजना के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए ‘सदैव आयुष्मान भव:’ की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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