डॉ. अंजू अग्रवाल को मिली फाइलों के अनुमोदन की कमान
लखनऊ: किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के आगामी दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समारोह को समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बुधवार को एक बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है।
कुलपति ने क्वीनमेरी की विभागाध्यक्ष व कार्यवाहक प्रतिकुलपति डॉ. अंजू अग्रवाल को विश्वविद्यालय के नियमित प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी फाइलों के अनुमोदन (अप्रूवल) का अधिकार सौंप दिया है।
दीक्षांत समारोह तक लागू रहेगी व्यवस्था
केजीएमयू का दीक्षांत समारोह आगामी 13 जुलाई को अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होना तय हुआ है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि दीक्षांत समारोह की तैयारियों के बीच विश्वविद्यालय के रोजमर्रा के जरूरी दफ्तरशाही कार्य प्रभावित न हों।
मुख्य बिंदु: यह विशेष व्यवस्था केवल 13 जुलाई (दीक्षांत समारोह के दिन) तक ही प्रभावी रहेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
फाइलों का त्वरित निस्तारण: नियमित कार्यालयी कार्यों और फाइलों के शीघ्र निपटारे के लिए।
समय की बचत: कुलपति का पूरा ध्यान दीक्षांत समारोह की भव्य तैयारियों पर केंद्रित रह सके।
निरंतरता: प्रशासनिक कार्यों में किसी भी तरह का गतिरोध या देरी न आए।
इस नए आदेश के बाद अब डॉ. अंजू अग्रवाल विश्वविद्यालय की नियमित गतिविधियों से जुड़ी फाइलों को सीधे अनुमति दे सकेंगी, जिससे केजीएमयू प्रशासन को दीक्षांत समारोह की व्यस्तता के बीच बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।












